नवंबर 2026 में नामकरण मुहूर्त

नवंबर 2026 में नामकरण के 13 शुभ मुहूर्त हैं: 1, 4, 5, 6, 11, 15, 16, 18, 20, 22, 25, 26 और 29 नवंबर। पहला मुहूर्त रविवार, 1 नवंबर 2026 को 08:09 – 06:56 (2 नवंबर) है।

  • कुआलालंपुर के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
  • हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि और वार दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला।

नवंबर 2026 नामकरण मुहूर्त की तारीखें और समय

तारीखमुहूर्तनक्षत्रतिथिक्यों शुभ है
रविवार, 1 नवंबर 202608:09 – 06:56 (2 नवंबर)पुष्यकृष्ण सप्तमी (31 अक्तूबर, 19:27 – 1 नवंबर, 17:22)
कृष्ण अष्टमी (1 नवंबर, 17:22 – 2 नवंबर, 15:41)
नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, रविवार
बुधवार, 4 नवंबर 202606:00 – 06:56 (5 नवंबर)उत्तरा फाल्गुनीकृष्ण एकादशी (4 नवंबर, 13:33 – 5 नवंबर, 13:06)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार
गुरुवार, 5 नवंबर 202606:56 – 06:56 (6 नवंबर)उत्तरा फाल्गुनी, हस्तकृष्ण एकादशी (4 नवंबर, 13:33 – 5 नवंबर, 13:06)
कृष्ण द्वादशी (5 नवंबर, 13:06 – 6 नवंबर, 13:01)
नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार
शुक्रवार, 6 नवंबर 202606:56 – 06:56 (7 नवंबर)हस्तकृष्ण द्वादशी (5 नवंबर, 13:06 – 6 नवंबर, 13:01)
कृष्ण त्रयोदशी (6 नवंबर, 13:01 – 7 नवंबर, 13:18)
नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार
बुधवार, 11 नवंबर 202606:57 – 14:08अनुराधाशुक्ल द्वितीया (10 नवंबर, 16:30 – 11 नवंबर, 18:23)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार
रविवार, 15 नवंबर 202606:58 – 06:58 (16 नवंबर)उत्तराषाढ़ा, श्रवणशुक्ल षष्ठी (15 नवंबर, 01:54 – 16 नवंबर, 04:31)
शुक्ल सप्तमी (16 नवंबर, 04:31 – 17 नवंबर, 06:50)
नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, रविवार
सोमवार, 16 नवंबर 202606:58 – 04:47 (17 नवंबर)श्रवणशुक्ल सप्तमी (16 नवंबर, 04:31 – 17 नवंबर, 06:50)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, सोमवार
बुधवार, 18 नवंबर 202607:04 – 08:35शतभिषाशुक्ल अष्टमी (17 नवंबर, 06:50 – 18 नवंबर, 08:35)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार
शुक्रवार, 20 नवंबर 202609:26 – 06:59 (21 नवंबर)उत्तर भाद्रपदाशुक्ल दशमी (19 नवंबर, 09:36 – 20 नवंबर, 09:46)
शुक्ल एकादशी (20 नवंबर, 09:46 – 21 नवंबर, 09:02)
नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, शुक्रवार
रविवार, 22 नवंबर 202607:00 – 05:07 (23 नवंबर)रेवती, अश्विनीशुक्ल द्वादशी (21 नवंबर, 09:02 – 22 नवंबर, 07:27)
शुक्ल त्रयोदशी (क्षय) (22 नवंबर, 07:27 – 23 नवंबर, 05:07)
नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, रविवार
बुधवार, 25 नवंबर 202607:01 – 07:01 (26 नवंबर)रोहिणी, मृगशिराकृष्ण प्रतिपदा (24 नवंबर, 22:53 – 25 नवंबर, 19:20)
कृष्ण द्वितीया (25 नवंबर, 19:20 – 26 नवंबर, 15:45)
नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, बुधवार
गुरुवार, 26 नवंबर 202607:01 – 20:17मृगशिराकृष्ण द्वितीया (25 नवंबर, 19:20 – 26 नवंबर, 15:45)
कृष्ण तृतीया (26 नवंबर, 15:45 – 27 नवंबर, 12:19)
नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, गुरुवार
रविवार, 29 नवंबर 202607:02 – 13:29पुष्यकृष्ण षष्ठी (29 नवंबर, 06:27 – 30 नवंबर, 04:17)नामकरण का नक्षत्र, रिक्ता तिथि नहीं, रविवार

नामकरण मुहूर्त के नियम

  • ये नियम कहाँ से: नामकरण के नियम, जिस रूप में सबसे बड़ी गणना-आधारित नामकरण सूची उन्हें लागू करती है। 2026 और 2027 के लिए नई दिल्ली की वह सूची जाँची गई — उसकी हर तारीख इस पेज पर है।
  • वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार या रविवार (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)। मंगलवार या शनिवार कभी नहीं।
  • नक्षत्र: चंद्रमा इन 14 में से किसी में हो — अश्विनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुष्य, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तर भाद्रपदा और रेवती।
  • तिथि: चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी या अमावस्या को छोड़कर कोई भी तिथि, दोनों पक्षों में।
  • मौसम: कोई नियम नहीं — बच्चे का नाम उसी महीने रखा जाता है जिसमें वह जन्मा; केवल अधिक मास वर्जित है, जैसा संदर्भ सूची में भी है। अधिक ज्येष्ठ (अधिक मास) 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक है।
  • कब — मार्गदर्शन, गणना नहीं: नामकरण परंपरा से जन्म के ग्यारहवें या बारहवें दिन होता है, जब दस दिन का सूतक बीतता है। जो परिवार तब नहीं कर पाते, या बाद में करते हैं — तीन महीने या एक साल पर आम है — वे इस सूची से तारीख चुनते हैं।
  • नाम: पहला अक्षर प्रायः जन्म नक्षत्र के चरण से लिया जाता है; बच्चे का नाम खोजने वाला टूल जन्म तारीख और समय से अक्षर बताता है।
  • दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, कुआलालंपुर के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों, और कम से कम 20 मिनट चले।
  • जो यहाँ नहीं जाँचा गया: बच्चे की अपनी कुंडली और लग्न। ये पंडित जन्म विवरण से जाँचते हैं।

नामकरण मुहूर्त 2026 — पूरे नियम और साल भर की सूची

महीनेवार नामकरण मुहूर्त 2026

दूसरे शहर का मुहूर्त

दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक गिना जाता है, और भारत में सूर्योदय एक घंटे से भी अधिक अंतर रखता है — इसलिए भोर के पास का मुहूर्त दूसरे शहर में अलग तारीख का हो सकता है, और हर समय बदल जाता है।

ये लिंक आपके चुने शहर के लिए सूची फिर से निकालते हैं। ये इसी पेज के रूप हैं: हर एक ऊपर के पते पर canonical रखता है और खोज इंजनों से इसे अनुक्रमित न करने को कहता है।

सामान्य प्रश्न

क्या नवंबर 2026 में नामकरण मुहूर्त है?

हाँ, 13 दिन: 1, 4, 5, 6, 11, 15, 16, 18, 20, 22, 25, 26 और 29 नवंबर।

रविवार, 1 नवंबर 2026 को मुहूर्त का समय क्या है?

08:09 – 06:56 (2 नवंबर) — कुआलालंपुर के समय अनुसार, पुष्य नक्षत्र में।

नवंबर 2026 के बाद अगला नामकरण मुहूर्त कब है?

बुधवार, 2 दिसंबर 2026 को।