शुक्ल पक्ष · पंचमी तिथि · मार्गशीर्ष
विवाह पंचमी 2026 कब है?
2026 में विवाह पंचमी सोमवार, 14 दिसंबर को है। लंदन में पंचमी तिथि 13 दिसंबर, 11:18 से 14 दिसंबर, 13:47 तक रहेगी।
विवाह पंचमी कोई तय अंग्रेज़ी तारीख नहीं है। यह अमांत गणना में मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है। बारह चंद्र मास सौर वर्ष से लगभग ग्यारह दिन छोटे होते हैं, इसलिए इसकी अंग्रेज़ी तारीख हर साल लगभग एक महीने के दायरे में खिसकती है।
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इस पेज का हर समय लंदन के लिए निकाला गया है।
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नीचे की पूरी गणना आपके चुने शहर के लिए दोबारा होती है। यह सिर्फ़ घड़ी का फ़र्क नहीं: चंद्रोदय या प्रदोष से तय होने वाला पर्व दो शहरों में सचमुच अलग दिन पड़ सकता है, और भारत के पूर्व और पश्चिम में चाँद निकलने का समय एक घंटे से भी ज़्यादा बदल जाता है।
लंदन के लिए गणना
विवाह पंचमी 2026: तारीख और तिथि का समय
सोमवार, 14 दिसंबर 2026
- तिथि
- पंचमी, शुक्ल पक्ष
- हिंदू मास
- मार्गशीर्ष
- तिथि आरंभ
- 13 दिसंबर, 11:18
- तिथि समाप्त
- 14 दिसंबर, 13:47
- दिन का निर्णय
- सूर्योदय
- लंदन में सूर्योदय
- 14 दिसंबर, 07:58
ऊपर के दोनों क्षण — तिथि का आरंभ और समाप्ति — खगोल हैं और उन पर कोई विवाद नहीं। दिन उनकी व्याख्या है: विवाह पंचमी का निर्णय सूर्योदय के समय चल रही तिथि से होता है, इसलिए यह उस दिन का पर्व है जिसके सूर्योदय पर तिथि हो — सिर्फ़ उस दिन का नहीं जिस दिन तिथि शुरू हुई।
अर्थ और परंपरा
विवाह पंचमी क्या है?
विवाह पंचमी भगवान राम और सीता के विवाह की वर्षगाँठ है, जो मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी को मनाई जाती है। यह सबसे धूमधाम से नेपाल में सीता की जन्मभूमि जनकपुर और अयोध्या में मनाई जाती है, जहाँ विवाह की झाँकियाँ और शोभायात्राएँ निकलती हैं।
- तारीख वह दिन है जिसके सूर्योदय पर पंचमी हो, जो 2016 से 2029 तक हर साल द्रिक पंचांग की तारीख देता है।
- घरों और मंदिरों में रामचरितमानस के विवाह प्रसंग का पाठ और कीर्तन आम है।
- मिथिला के कुछ हिस्सों में परिवार इस दिन अपने विवाह तय करने से बचते हैं, राम-सीता के बाद के वनवास को याद करके; दूसरे इसे विशेष शुभ मानते हैं। दोनों स्थानीय परंपराएँ हैं, और इसके लिए परिवार के अपने पुरोहित से पूछना ठीक है।
मुहूर्त · लंदन
विवाह पंचमी 2026 शुभ मुहूर्त
विवाह पंचमी का निर्णय सूर्योदय पर होता है, जो एक क्षण है, अवधि नहीं — इसलिए तिथि से मेल करने के लिए कोई अलग खिड़की नहीं बनती। दिन के सामान्य शुभ समय नीचे दिए हैं; जहाँ पर्व का अपना मुहूर्त नहीं होता, वहाँ प्रायः अभिजित मुहूर्त लिया जाता है।
उस दिन के शुभ समय
| मुहूर्त | लंदन में समय | प्रकृति |
|---|---|---|
| अभिजित मुहूर्त | 11:39 से 12:10 | शुभ |
| अमृत काल | 18:49 से 20:36 | सर्वाधिक शुभ |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:49 से 06:53 | शुभ |
जिन समयों में नए काम टाले जाते हैं
मुहूर्त शास्त्र इन अवधियों को नई शुरुआत के लिए छोड़ता है। यह परंपरा का वर्णन है, चेतावनी नहीं: पर्व अपने दिन मनाया ही जाता है, और इसके लिए कुछ ख़रीदने, सुधारने या उपाय करने की ज़रूरत नहीं।
| अवधि | लंदन में समय |
|---|---|
| राहु काल | 08:57 से 09:56 |
| यमगण्ड काल | 10:55 से 11:55 |
| दुर्मुहूर्त (पहला) | 12:10 से 12:42 |
| दुर्मुहूर्त (दूसरा) | 13:45 से 14:17 |
| वर्ज्यम् | 08:09 से 09:55 |
ऊपर का हर समय लंदन के लिए सोमवार, 14 दिसंबर 2026 के सूर्योदय, सूर्यास्त और अगले सूर्योदय से निकाला गया है। हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है, इसलिए आधी रात के बाद पड़ने वाली अवधि भी इसी तारीख की मानी जाती है।
आने वाले वर्षों में विवाह पंचमी की तारीख
इस साल और उसके बाद के दो साल। हर पंक्ति लंदन के लिए उसी गणना से निकली है, किसी सूची से नहीं ली गई।
| वर्ष | तारीख | स्थिति |
|---|---|---|
| 2026 | सोमवार, 14 दिसंबर 2026 | आने वाली |
| 2027 | शुक्रवार, 3 दिसंबर 2027 | आने वाली |
| 2028 | मंगलवार, 21 नवंबर 2028 | आने वाली |
पंचांगों में विवाह पंचमी की तारीख अलग क्यों होती है
दो पंचांग विवाह पंचमी की तारीख में एक दिन का अंतर दिखाएँ, तो ज़रूरी नहीं कि उनमें से एक ग़लत हो। लगभग सारा अंतर चार कारणों से आता है।
- तिथि सूर्योदय पर शुरू नहीं होती। तिथि औसतन 23 घंटे 37 मिनट की होती है, इसलिए वह कभी दो दिनों के निर्णायक क्षण को छूती है और कभी किसी को नहीं। ऐसे में अलग नियम अलग दिन चुनते हैं।
- महीने की गणना। उत्तर भारत में पूर्णिमांत और दक्षिण व पश्चिम भारत में अमांत पद्धति चलती है। कृष्ण पक्ष का वही पखवाड़ा दोनों में अलग महीने के नाम से जाना जाता है, इसलिए "अमुक मास की कृष्ण तिथि" वाला पर्व एक महीने के अंतर पर भी पढ़ा जा सकता है।
- दिन कौन-सा क्षण तय करता है। अधिकतर व्रत उस दिन के होते हैं जिसके सूर्योदय पर तिथि हो, पर सब नहीं: विवाह पंचमी का निर्णय सूर्योदय से होता है। जो पंचांग हर पर्व पर सूर्योदय का नियम लगाते हैं, वे कई पर्वों को एक दिन खिसका देते हैं।
- शहर। सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय हर शहर में अलग होते हैं — भारत के भीतर एक घंटे से भी ज़्यादा। दिल्ली के लिए निकाली गई तारीख किसी दूसरे शहर में एक दिन आगे-पीछे हो सकती है।
इसीलिए यह पेज अपनी गणना दिखाता है। अगर आपके पंडित या घर के पंचांग में दूसरा दिन लिखा है, तो ऊपर दिए तिथि के क्षण आम तौर पर बता देंगे कि क्यों — और बिना कारण बताए दी गई तारीख से यह ज़्यादा काम का है।
आगे आने वाले त्योहार
- दुर्गा पूजा (महा सप्तमी) — शनिवार, 17 अक्तूबर 2026
- दुर्गा अष्टमी — रविवार, 18 अक्तूबर 2026
- आयुध पूजा — सोमवार, 19 अक्तूबर 2026
- महा नवमी — सोमवार, 19 अक्तूबर 2026
- शारदीय नवरात्रि — रविवार, 11 अक्तूबर से सोमवार, 19 अक्तूबर 2026 तक
- दशहरा (विजयादशमी) — मंगलवार, 20 अक्तूबर 2026
- पापांकुशा एकादशी — गुरुवार, 22 अक्तूबर 2026
- शरद पूर्णिमा — रविवार, 25 अक्तूबर 2026
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विवाह पंचमी से जुड़े सामान्य प्रश्न
2026 में विवाह पंचमी कब है?
2026 में विवाह पंचमी सोमवार, 14 दिसंबर को है। लंदन में पंचमी तिथि 13 दिसंबर, 11:18 से 14 दिसंबर, 13:47 तक रहेगी।
विवाह पंचमी की तिथि क्या है?
मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि। लंदन में यह तिथि 13 दिसंबर, 11:18 से 14 दिसंबर, 13:47 तक है, और विवाह पंचमी का दिन सूर्योदय के समय चल रही तिथि से तय होता है।
दूसरे कैलेंडर में विवाह पंचमी की तारीख अलग क्यों है?
मुख्य रूप से चार कारणों से। तिथि निर्णायक क्षण पर दो दिन चल सकती है या किसी दिन नहीं; उत्तर भारत पूर्णिमांत और दक्षिण व पश्चिम भारत अमांत महीने मानता है, जिससे कृष्ण पक्ष का नाम बदल जाता है; पंचांग इस पर भी अलग हैं कि दिन का कौन-सा क्षण पर्व तय करता है; और सूर्योदय व चंद्रोदय हर शहर में अलग होते हैं। ऊपर दिए तिथि के क्षण खगोल हैं; दिन उनकी व्याख्या है।
अगले साल विवाह पंचमी कब है?
2027 में शुक्रवार, 3 दिसंबर; 2028 में मंगलवार, 21 नवंबर।