जयपुर में आज का ब्रह्म मुहूर्त

जयपुर में आज ब्रह्म मुहूर्त 4:44 AM - 5:33 AM है — सूर्योदय 6:22 AM पर समाप्त होने वाली रात्रि का उपान्त्य (चौदहवाँ) मुहूर्त।

ब्रह्म मुहूर्त घड़ी से नहीं, सूर्योदय से पीछे गिना जाता है — इसलिए यह हर शहर में अलग समय पर खुलता है और हर दिन थोड़ा खिसकता है। नियम से यह कभी 4:00 बजे नहीं होता; यह 4:00 बजे केवल उन दिनों और उन जगहों पर होता है जहाँ सूर्योदय संयोग से 5:36 पर हो।

जयपुर, राजस्थान में आज का ब्रह्म मुहूर्त, 8 अक्तूबर 2026

सभी समय जयपुर के स्थानीय हैं, Asia/Kolkata (UTC+05:30) के लिए निकाले गए।

जयपुर, राजस्थान में आज का ब्रह्म मुहूर्त, 8 अक्तूबर 2026
अवधिसमयस्वभावपरंपरा में इसका अर्थ
ब्रह्म मुहूर्त4:44 AM - 5:33 AMशुभरात्रि का चौदहवाँ मुहूर्त, जो सूर्योदय से एक मुहूर्त पहले समाप्त होता है — जप, पाठ, अध्ययन और ध्यान।

जयपुर में कल का ब्रह्म मुहूर्त

कल की खिड़की 4:44 AM - 5:33 AM है, सूर्योदय 6:22 AM से पहले। दिन में यह पेज पढ़ने वाला व्यक्ति कल के बारे में ही पूछ रहा होता है, इसलिए यह यहीं है, एक क्लिक दूर नहीं।

जयपुर, राजस्थान में कल का ब्रह्म मुहूर्त
अवधिसमयस्वभावपरंपरा में इसका अर्थ
ब्रह्म मुहूर्त4:44 AM - 5:33 AMशुभरात्रि का चौदहवाँ मुहूर्त, जो सूर्योदय से एक मुहूर्त पहले समाप्त होता है — जप, पाठ, अध्ययन और ध्यान।

जयपुर में अगले 7 दिनों का ब्रह्म मुहूर्त समय

यह खिड़की सूर्योदय के साथ खिसकती है, इसलिए जयपुर के लिए हर दिन नए सिरे से निकाली जाती है। ये सात पंक्तियाँ इसी स्थिर URL पर रहती हैं, हर दिन के लिए अलग तारीख वाला पेज नहीं बनाया जाता।

जयपुर, राजस्थान में अगले 7 दिनों का ब्रह्म मुहूर्त समय
तारीखब्रह्म मुहूर्तसूर्योदय
4:44 AM - 5:33 AM6:22 AM
4:44 AM - 5:33 AM6:22 AM
4:44 AM - 5:34 AM6:23 AM
4:45 AM - 5:34 AM6:23 AM
4:45 AM - 5:35 AM6:24 AM
4:45 AM - 5:35 AM6:25 AM
4:46 AM - 5:35 AM6:25 AM

ब्रह्म मुहूर्त का अर्थ और उसका उपयोग

यहाँ "ब्रह्म" सृष्टिकर्ता हैं और उनके नाम का यह समय रात्रि का अंतिम भाग है। शास्त्रीय दिनचर्या इसमें जप, पाठ, अध्ययन, ध्यान और प्राणायाम रखती है — इस तर्क पर कि मन अभी खर्च नहीं हुआ और संसार शांत है, न कि इस दावे पर कि खिड़की स्वयं कुछ करती है। यह एकमात्र शुभ काल है जो तिथि, नक्षत्र या वार से कुछ नहीं माँगता।

जयपुर में आज का शुभ मुहूर्त

शहर और ऋतु के अनुसार ब्रह्म मुहूर्त का समय

भारत लगभग तीस देशांतर अंशों पर एक ही घड़ी रखता है, इसलिए एक ही तिथि को गुवाहाटी का सूर्योदय राजकोट से एक घंटे से अधिक पहले होता है और दोनों शहरों का ब्रह्म मुहूर्त उतने ही अंतर से अलग होता है। ऋतु इसे फिर खिसकाती है: खिड़की सूर्योदय का अनुसरण करती है, इसलिए यह जून में सबसे जल्दी और जनवरी में सबसे देर से आती है।

सूर्योदय से पहले के दो मुहूर्तों में से पंचांग केवल पहले को ब्रह्म मुहूर्त कहते हैं — आज जयपुर में 4:44 AM - 5:33 AM। दूसरा, जो सूर्योदय तक चलता है, रात्रि का अंतिम प्रहर है। यह पेज वही खिड़की दिखाता है जो पूरा पंचांग, ताकि दोनों एक ही मिनटों को लेकर कभी अलग बात न कहें।

अन्य शहरों में ब्रह्म मुहूर्त का समय

ब्रह्म मुहूर्त स्थान का गुण है, क्योंकि सूर्योदय स्थान का गुण है। दिल्ली का समय लेने के बजाय अपना शहर चुनें।

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ब्रह्म मुहूर्त कैसे निकाला जाता है

सूर्यास्त और सूर्योदय इस शहर के अक्षांश-देशांतर और इन तिथियों के लिए स्विस एफेमेरिस से आते हैं। उनके बीच की रात्रि पंद्रह समान मुहूर्तों में बाँटी जाती है — दिन के उन पंद्रहवें भागों की तरह जिनसे अभिजित बनता है — और ब्रह्म मुहूर्त चौदहवाँ है: यह सूर्योदय से दो मुहूर्त पहले खुलता है और एक मुहूर्त पहले समाप्त होता है। इसलिए विषुव के आसपास यह लगभग 48 मिनट का होता है, सर्दियों में लंबा और गर्मियों में छोटा।

ब्रह्म मुहूर्त: सामान्य प्रश्न

जयपुर में आज ब्रह्म मुहूर्त कब है?

आज जयपुर में ब्रह्म मुहूर्त 4:44 AM - 5:33 AM है, सूर्योदय 6:22 AM से पहले।

जयपुर में कल ब्रह्म मुहूर्त कब है?

कल की खिड़की 4:44 AM - 5:33 AM है। यह हर दिन कुछ मिनट खिसकती है क्योंकि सूर्योदय खिसकता है।

ब्रह्म मुहूर्त क्या है?

रात्रि के पंद्रह मुहूर्तों में से चौदहवाँ — सूर्योदय से दो मुहूर्त पहले खुलता है और एक मुहूर्त पहले समाप्त होता है। मुहूर्त रात्रि का पंद्रहवाँ भाग है, इसलिए यह सर्दियों में लंबा और गर्मियों में छोटा होता है।

क्या जयपुर में ब्रह्म मुहूर्त हमेशा 4 बजे होता है?

नहीं। यह सूर्योदय से पीछे गिना जाता है, घड़ी से नहीं। आज जयपुर में सूर्योदय 6:22 AM है, इसलिए खिड़की 4:44 AM - 5:33 AM है — और ऋतु के साथ यह बदलती रहती है।

ब्रह्म मुहूर्त में क्या किया जाता है?

जप, पाठ, अध्ययन, ध्यान और प्राणायाम। यह एकमात्र शुभ काल है जो तिथि, नक्षत्र या वार से कुछ नहीं माँगता।

कुछ जगह ब्रह्म मुहूर्त का समय अलग क्यों दिखता है?

कुछ स्रोत मुहूर्त को हर ऋतु में निश्चित 48 मिनट मानते हैं, या सूर्योदय तक के पूरे दो मुहूर्त दिखाते हैं। यह पेज, पूरा पंचांग, एस्ट्रोसेज और द्रिक पंचांग रात्रि का पंद्रहवाँ भाग लेते हैं — आज 4:44 AM - 5:33 AM।