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राशि मेल · वैदिक और पश्चिमी

कन्या और कुंभ राशि का मेल

  • पश्चिमी: क्विनकंक्स (पृथ्वी और वायु)
  • भकूट 0/7
  • ग्रह मैत्री 4/5

कन्या और कुंभ राशि का मेल: कन्या और कुंभ दोनों दुनिया को बेहतर बनाना चाहती हैं — कन्या बारीकी और सेवा से, कुंभ विचारों और मुद्दों से — और एक अनोखी, सम्मानजनक टीम बनाती हैं। वैदिक गुण मिलान में, जहाँ राशि का अर्थ चंद्र राशि है, कन्या और कुंभ उन 12 अंकों में से 4 पाती हैं जो दो चंद्र राशियाँ तय करती हैं: भकूट 7 में से 0 (6-8 अक्ष) और ग्रह मैत्री 5 में से 4।

अपना मिलान देखें: कुंडली मिलान

कन्या और कुंभ का प्रेम

कुंभ कन्या की बुद्धि और मददगार स्वभाव को महत्व देती है; कन्या कुंभ की मौलिकता पर उत्सुक होती है। दोनों तार्किक हैं, किसी मुद्दे पर साथ काम करने का आनंद ले सकती हैं, और एक-दूसरे की बुद्धि और स्वतंत्रता का सम्मान करती हैं।

कन्या छोटी-छोटी परवाहों से प्यार जताती है: सजग, व्यावहारिक और खुद की आलोचक; सुधार करके प्यार दिखाती है।

कुंभ पहले दोस्त बनकर प्यार करती है: स्वतंत्र, आदर्शवादी और अलग सोच वाली; उसे सोचने की जगह चाहिए।

कन्या और कुंभ में टकराव कहाँ

कन्या को व्यवस्था और दिनचर्या चाहिए; कुंभ को आज़ादी और नयापन। कन्या को कुंभ दूर-दूर लगती है, और कुंभ को कन्या आलोचक। किसी को अपनी भावना कहना आसान नहीं लगता, इसलिए गर्मजोशी जान-बूझकर चुननी पड़ती है।

कन्या और कुंभ का रिश्ता कैसे निभे

एक-दूसरे के तरीक़ों का सम्मान करें। विचारों के साथ भावनाएँ भी दिखाएँ, साझा लक्ष्य ठोस रखें, और ऐसे साझा काम चुनें जिनमें दोनों के हुनर चमकें।

वैदिक मिलान: भकूट और ग्रह मैत्री

गुण मिलान में दो चंद्र राशियाँ क्या तय करती हैं
कूटकन्या और कुंभ
चंद्र राशियाँकन्या (Virgo) और कुंभ (Aquarius)
राशि स्वामीबुध और शनि
भकूट (7 में से)0 — 6-8 अक्ष (दोष)
ग्रह मैत्री (5 में से)4
दोनों मिलाकर (12 में से)4

चंद्र राशियाँ एक-दूसरे से छठी और आठवीं हैं (षडाष्टक): भकूट 0 देता है। परंपरा इस अक्ष को स्वास्थ्य, आयु और सामंजस्य से पढ़ती है, और ज़्यादातर मिलान करने वाले इसे गंभीरता से लेते हैं। बुध और शनि में किसी ओर शत्रुता नहीं और मित्रता है, यह शास्त्रीय परिहार दोष को हल्का करता है; अंक 0 ही रहता है।

कन्या का स्वामी बुध है और कुंभ का शनि। बुध शनि को सम मानता है, और शनि बुध को मित्र: ग्रह मैत्री 5 में से 4 अंक देती है।

भकूट और ग्रह मैत्री वे दो कूट हैं जिन्हें चंद्र राशियाँ अकेले तय करती हैं, और जो किसी भी साथी को पहले गिनने पर एक जैसे रहते हैं। वर्ण और वश्य भी राशियाँ पढ़ते हैं पर इस पर निर्भर हैं कि वर कौन है; तारा, योनि, गण और नाड़ी के लिए दोनों के जन्म नक्षत्र चाहिए।

पश्चिमी पढ़ाई: तत्व और दृष्टि

तत्व
पृथ्वी और वायु
प्रकृति
द्विस्वभाव और स्थिर
दृष्टि
क्विनकंक्स, 5 राशि की दूरी

पृथ्वी और वायु: तथ्य बनाम विचार; शुरू में दोनों को एक-दूसरे का सोचने का ढंग अनजाना लगता है।

स्थिर और द्विस्वभाव: एक टिका रहता है, दूसरा बदलता है; स्थिरता और लचीलापन मिलते हैं।

पाँच राशि दूर (क्विनकंक्स): न तत्व एक, न प्रकृति; दोनों को लगातार एक-दूसरे के हिसाब से ढलना पड़ता है।

राशियों का मेल दो राशियों के स्वभाव की बात करता है, दो लोगों की नहीं: इसे परंपरा की प्रवृत्तियाँ मानें, और दो असली कुंडलियों का मिलान कुंडली मिलान से करें।

वैदिक और पश्चिमी पढ़ाई कहाँ मिलती है

यहाँ दोनों पद्धतियाँ सहमत हैं। पश्चिमी ज्योतिष क्विनकंक्स को अटपटा, समायोजन माँगने वाला संबंध मानता है, और वैदिक मिलान इसी 6-8 दूरी को भकूट दोष कहता है, जिसे ज़्यादातर मिलान करने वाले तौलते हैं।

वैदिक राशि निरयण पद्धति में चंद्रमा की राशि है; पश्चिमी राशि आम तौर पर सायन पद्धति में सूर्य की। आपकी दोनों राशियाँ अक्सर अलग होती हैं, इसलिए देख लें कि कौन-सी पढ़ाई आपकी है।

अपना मिलान देखें

दो राशियाँ बस शुरुआत हैं। आपका अपना मिलान दोनों की पूरी कुंडली पढ़ता है — गुण मिलान के सभी 36 अंक, मांगलिक दोष और सातवाँ भाव — इसलिए कन्या और कुंभ की कोई भी जोड़ी कितने भी अंक पा सकती है।

कन्या और कुंभ हर राशि के साथ

कन्या और कुंभ राशि का मेल: सामान्य प्रश्न

क्या कन्या और कुंभ राशि का मेल अच्छा है?

कन्या और कुंभ दोनों दुनिया को बेहतर बनाना चाहती हैं — कन्या बारीकी और सेवा से, कुंभ विचारों और मुद्दों से — और एक अनोखी, सम्मानजनक टीम बनाती हैं। वैदिक गुण मिलान में, जहाँ राशि का अर्थ चंद्र राशि है, कन्या और कुंभ उन 12 अंकों में से 4 पाती हैं जो दो चंद्र राशियाँ तय करती हैं: भकूट 7 में से 0 (6-8 अक्ष) और ग्रह मैत्री 5 में से 4। किसी जोड़े का अपना मिलान दोनों की जन्म कुंडली से होता है।

क्या कन्या और कुंभ राशि में भकूट दोष है?

हाँ। चंद्र राशियाँ एक-दूसरे से छठी और आठवीं हैं (षडाष्टक): भकूट 0 देता है। परंपरा इस अक्ष को स्वास्थ्य, आयु और सामंजस्य से पढ़ती है, और ज़्यादातर मिलान करने वाले इसे गंभीरता से लेते हैं। बुध और शनि में किसी ओर शत्रुता नहीं और मित्रता है, यह शास्त्रीय परिहार दोष को हल्का करता है; अंक 0 ही रहता है।

कन्या और कुंभ राशि के कितने गुण मिलते हैं?

केवल दो राशियों से कोई ईमानदार कुल संख्या नहीं बनती। गुण मिलान के 36 अंकों में से 12 अकेले दो चंद्र राशियाँ तय करती हैं, और कन्या और कुंभ उनमें से 4 पाती हैं। बाकी 24 दोनों के जन्म नक्षत्र पर और, उनमें से 3, इस पर निर्भर हैं कि वर कौन है, इसलिए अपना कुल अंक कुंडली मिलान से जानें।

क्या मेरी पश्चिमी राशि और मेरी चंद्र राशि एक है?

अक्सर नहीं। पश्चिमी राशि आम तौर पर सायन पद्धति में सूर्य की राशि होती है; चंद्र राशि निरयण पद्धति में चंद्रमा की राशि है, और वैदिक मिलान चंद्र राशि पढ़ता है। राशि कैलकुलेटर आपकी जन्म तिथि, समय और स्थान से आपकी चंद्र राशि बताता है।