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मुहूर्त कैलेंडर · नई दिल्ली

फरवरी 2026 में कर्णवेध मुहूर्त

फरवरी 2026 · कर्णवेध मुहूर्त

4 तारीखें

शुक्र, 6 फरवरी

सुबह 7:06 – दोपहर 1:41

फरवरी 2026 में कर्णवेध के 4 शुभ मुहूर्त हैं: 6, 11, 26 और 27 फरवरी। पहला मुहूर्त शुक्रवार, 6 फरवरी 2026 को सुबह 7:06 – दोपहर 1:41 है।

उसके बाद: बुध, 11 फरवरी · सुबह 9:59 – सुबह 10:53

फरवरी 2026 कर्णवेध मुहूर्त की तारीखें और समय

फरवरी 2026 · 4 तारीखें
रविसोममंगलबुधगुरुशुक्रशनि
सुबह 7:06
सुबह 9:59
सुबह 6:49सुबह 10:49

मुहूर्त

  • नई दिल्ली के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
  • हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि और वार दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला, और हर मुहूर्त अपराह्न से पहले समाप्त होता है; हर वर्जित अवधि का आरंभ और अंत भी दिया है।
  1. शुक्रवार, 6 फरवरी 2026

    सुबह 7:06 – दोपहर 1:41

    शुभ
    • हस्त
    • कृष्ण पंचमी (6 फरवरी, रात 12:22 – 7 फरवरी, रात 1:19)
    • कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, अपराह्न से पहले
  2. बुधवार, 11 फरवरी 2026

    सुबह 9:59 – सुबह 10:53

    शुभ
    • अनुराधा
    • कृष्ण दशमी (11 फरवरी, सुबह 9:59 – 12 फरवरी, दोपहर 12:22)
    • कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, बुधवार, अपराह्न से पहले
  3. गुरुवार, 26 फरवरी 2026

    सुबह 6:49 – दोपहर 12:11

    शुभ
    • मृगशिरा
    • शुक्ल दशमी (26 फरवरी, रात 2:41 – 27 फरवरी, रात 12:33)
    • कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, अपराह्न से पहले
  4. शुक्रवार, 27 फरवरी 2026

    सुबह 10:49 – दोपहर 1:43

    शुभ
    • पुनर्वसु
    • शुक्ल एकादशी (27 फरवरी, रात 12:33 – 27 फरवरी, रात 10:33)
    • कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, अपराह्न से पहले

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फरवरी 2026 के बाकी दिनों में मुहूर्त क्यों नहीं

  • 1 फरवरी रविवार — कर्णवेध रविवार, मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
  • 2 फरवरी चंद्रमा आश्लेषा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी कर्णवेध के 10 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
  • 3 फरवरी मंगलवार — कर्णवेध रविवार, मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
  • 4–5 फरवरी चंद्रमा पूर्वा फाल्गुनी और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी कर्णवेध के 10 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
  • 7–8 फरवरी शनिवार और रविवार — कर्णवेध रविवार, मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
  • 9 फरवरी चंद्रमा विशाखा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी कर्णवेध के 10 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
  • 10 फरवरी मंगलवार — कर्णवेध रविवार, मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
  • 12–13 फरवरी चंद्रमा ज्येष्ठा और मूल नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी कर्णवेध के 10 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
  • 14–15 फरवरी शनिवार और रविवार — कर्णवेध रविवार, मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
  • 16 फरवरी शुभ नक्षत्र केवल कृष्ण चतुर्दशी में पड़ता है, जो कर्णवेध के लिए वर्जित है।
  • 17 फरवरी मंगलवार — कर्णवेध रविवार, मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
  • 18–20 फरवरी चंद्रमा शतभिषा, पूर्व भाद्रपदा और उत्तर भाद्रपदा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी कर्णवेध के 10 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
  • 21–22 फरवरी शनिवार और रविवार — कर्णवेध रविवार, मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
  • 23 फरवरी चंद्रमा भरणी नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी कर्णवेध के 10 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
  • 24 फरवरी मंगलवार — कर्णवेध रविवार, मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
  • 25 फरवरी चंद्रमा रोहिणी नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी कर्णवेध के 10 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
  • 28 फरवरी शनिवार — कर्णवेध रविवार, मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।

कर्णवेध मुहूर्त के नियम

  • ये नियम कहाँ से: द्रिक पंचांग में लिखे कर्णवेध नियम, जो मुहूर्त चिंतामणि के संस्कार प्रकरण के अनुसार हैं। द्रिक बच्चे के जन्म विवरण से एक-एक दिन का उत्तर देता है और साल भर की सूची नहीं छापता, इसलिए यहाँ ये नियम साल के हर दिन पर लागू किए गए हैं और सूची इसी पेज की अपनी है।
  • खरमास वर्जित: धनु या मीन राशि में सूर्य रहते कोई मुहूर्त नहीं (16 दिसंबर 2025 – 14 जनवरी 2026, 15 मार्च 2026 – 14 अप्रैल 2026 और 16 दिसंबर 2026 – 14 जनवरी 2027)।
  • चातुर्मास वर्जित: देवशयनी एकादशी आरंभ होने (24 जुलाई 2026, सुबह 9:13) से देवउठनी एकादशी आरंभ होने (20 नवंबर 2026, सुबह 7:16) तक।
  • वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार या शुक्रवार (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)। मंगलवार, शनिवार या रविवार कभी नहीं।
  • नक्षत्र: चंद्रमा इन 10 में से किसी में हो — अश्विनी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, अनुराधा, श्रवण, धनिष्ठा और रेवती।
  • तिथि: चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी या अमावस्या को छोड़कर कोई भी तिथि, दोनों पक्षों में।
  • अधिक मास वर्जित: अधिक ज्येष्ठ (अधिक मास) 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक है।
  • दिन में, अपराह्न से पहले: कान दिन के उजाले में और अपराह्न — दिन के पाँच भागों में से चौथे — से पहले छेदे जाते हैं; इसलिए यहाँ हर मुहूर्त मध्याह्न के अंत पर, यानी सूर्योदय से सूर्यास्त तक के तीन-पाँचवें भाग पर, समाप्त होता है।
  • उम्र — मार्गदर्शन, गणना नहीं: ग्रंथ जन्म के 10वें, 12वें या 16वें दिन, या छठे, सातवें या आठवें महीने का नियम देते हैं; पहले साल के बाद विषम वर्ष — तीसरा, पाँचवाँ। आजकल कई परिवार इसे मुंडन के साथ करते हैं। उम्र परंपरा से तय करें; दिन यह सूची बताती है।
  • पहले कौन सा कान: लड़के का पहले दायाँ, लड़की का पहले बायाँ।
  • दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, नई दिल्ली के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों, और कम से कम 20 मिनट चले।
  • जो यहाँ नहीं जाँचा गया: लग्न (गुरु या शुक्र की राशि का लग्न — वृषभ, तुला, धनु या मीन — उत्तम माना जाता है), बच्चे का चंद्र बल और तारा बल, और बच्चे का अपना जन्म मास और जन्म नक्षत्र, जो टाले जाते हैं। ये पंडित बच्चे के जन्म विवरण से जाँचते हैं।

कर्णवेध मुहूर्त 2026 — पूरे नियम और साल भर की सूची

सामान्य प्रश्न

क्या फरवरी 2026 में कर्णवेध मुहूर्त है?

हाँ, 4 दिन: 6, 11, 26 और 27 फरवरी।

शुक्रवार, 6 फरवरी 2026 को मुहूर्त का समय क्या है?

सुबह 7:06 – दोपहर 1:41 — नई दिल्ली के समय अनुसार, हस्त नक्षत्र में।

फरवरी 2026 के बाद अगला कर्णवेध मुहूर्त कब है?

गुरुवार, 5 मार्च 2026 को।