मुहूर्त कैलेंडर · नई दिल्ली
कर्णवेध मुहूर्त 2026 — कान छेदन की शुभ तारीखें
गुरु, 26 नवंबर 2026
सुबह 6:52 – दोपहर 1:11
2026 में कर्णवेध के 29 शुभ मुहूर्त हैं, जिनमें से 4 अभी बाकी हैं — अगला गुरुवार, 26 नवंबर 2026 को सुबह 6:52 – दोपहर 1:11 है।
उसके बाद: गुरु, 3 दिसंबर · सुबह 9:23 – दोपहर 1:13
- जनवरी19, 21, 26, 294 तारीखें
- फरवरी6, 11, 26, 274 तारीखें
- मार्च5, 62 तारीखें
- अप्रैल23, 24, 293 तारीखें
- मई4, 14, 153 तारीखें
- जून17, 22, 243 तारीखें
- जुलाई2, 3, 8, 9, 15, 206 तारीखें
- अगस्त—चातुर्मासकोई तारीख नहीं
- सितंबर—चातुर्मासकोई तारीख नहीं
- अक्टूबर—चातुर्मासकोई तारीख नहीं
- नवंबर261 तारीख
- दिसंबर3, 4, 143 तारीखें
- नई दिल्ली के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
- हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि और वार दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला, और हर मुहूर्त अपराह्न से पहले समाप्त होता है; हर वर्जित अवधि का आरंभ और अंत भी दिया है।

स्वर्ण से पूछें
क्या यह मुहूर्त मेरी कुंडली के लिए शुभ है? स्वर्ण से मुफ़्त पूछें
आज, सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 से, नई दिल्ली के लिए अगली 5 तारीखें — हर तारीख अपने महीने का पेज खोलती है, पूरी गणना के साथ।
- शुभ
गुरुवार, 26 नवंबर 2026
सुबह 6:52 – दोपहर 1:11
- मृगशिरा
- नवंबर 2026
- शुभ
गुरुवार, 3 दिसंबर 2026
सुबह 9:23 – दोपहर 1:13
- हस्त
- दिसंबर 2026
- शुभ
शुक्रवार, 4 दिसंबर 2026
सुबह 6:58 – दोपहर 1:13
- हस्त, चित्रा
- दिसंबर 2026
- शुभ
सोमवार, 14 दिसंबर 2026
सुबह 7:05 – दोपहर 1:17
- श्रवण, धनिष्ठा
- दिसंबर 2026
- शुभ
शुक्रवार, 15 जनवरी 2027
सुबह 7:14 – दोपहर 1:33
- रेवती
- जनवरी 2027
- शुभ
सोमवार, 19 जनवरी 2026
सुबह 11:52 – दोपहर 1:35
- श्रवण
- शुक्ल प्रतिपदा
- कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, सोमवार, अपराह्न से पहले
- शुभ
बुधवार, 21 जनवरी 2026
सुबह 7:13 – दोपहर 1:36
- धनिष्ठा
- शुक्ल तृतीया
- कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, बुधवार, अपराह्न से पहले
- शुभ
सोमवार, 26 जनवरी 2026
सुबह 7:11 – दोपहर 12:33
- अश्विनी
- शुक्ल अष्टमी
- कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, सोमवार, अपराह्न से पहले
- शुभ
गुरुवार, 29 जनवरी 2026
सुबह 7:31 – दोपहर 1:39
- मृगशिरा
- शुक्ल एकादशी
- कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, अपराह्न से पहले
- शुभ
शुक्रवार, 6 फरवरी 2026
सुबह 7:06 – दोपहर 1:41
- हस्त
- कृष्ण पंचमी
- कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, अपराह्न से पहले
- शुभ
बुधवार, 11 फरवरी 2026
सुबह 9:59 – सुबह 10:53
- अनुराधा
- कृष्ण दशमी
- कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, बुधवार, अपराह्न से पहले
- शुभ
गुरुवार, 26 फरवरी 2026
सुबह 6:49 – दोपहर 12:11
- मृगशिरा
- शुक्ल दशमी
- कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, अपराह्न से पहले
- शुभ
शुक्रवार, 27 फरवरी 2026
सुबह 10:49 – दोपहर 1:43
- पुनर्वसु
- शुक्ल एकादशी
- कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, अपराह्न से पहले
- शुभ
गुरुवार, 5 मार्च 2026
सुबह 8:17 – दोपहर 1:43
- हस्त
- कृष्ण द्वितीया
- कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, अपराह्न से पहले
- शुभ
शुक्रवार, 6 मार्च 2026
सुबह 6:41 – दोपहर 1:42
- हस्त, चित्रा
- कृष्ण तृतीया
- कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, अपराह्न से पहले
- शुभ
गुरुवार, 23 अप्रैल 2026
सुबह 5:47 – दोपहर 1:38
- पुनर्वसु
- शुक्ल सप्तमी
- कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, अपराह्न से पहले
- शुभ
शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026
सुबह 5:46 – दोपहर 1:38
- पुष्य
- शुक्ल अष्टमी
- कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, अपराह्न से पहले
- शुभ
बुधवार, 29 अप्रैल 2026
सुबह 5:42 – दोपहर 1:38
- हस्त
- शुक्ल त्रयोदशी
- कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, बुधवार, अपराह्न से पहले
- शुभ
सोमवार, 4 मई 2026
सुबह 5:38 – सुबह 9:58
- अनुराधा
- कृष्ण तृतीया
- कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, सोमवार, अपराह्न से पहले
- शुभ
गुरुवार, 14 मई 2026
सुबह 5:30 – दोपहर 1:39
- रेवती
- कृष्ण द्वादशी → कृष्ण त्रयोदशी
- कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, अपराह्न से पहले
- शुभ
शुक्रवार, 15 मई 2026
सुबह 5:30 – सुबह 8:31
- अश्विनी
- कृष्ण त्रयोदशी
- कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, अपराह्न से पहले
- शुभ
बुधवार, 17 जून 2026
सुबह 5:22 – दोपहर 1:45
- पुनर्वसु, पुष्य
- शुक्ल तृतीया
- कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, बुधवार, अपराह्न से पहले
- शुभ
सोमवार, 22 जून 2026
सुबह 10:22 – दोपहर 1:46
- हस्त
- शुक्ल अष्टमी
- कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, सोमवार, अपराह्न से पहले
- शुभ
बुधवार, 24 जून 2026
सुबह 5:24 – दोपहर 1:47
- चित्रा
- शुक्ल दशमी
- कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, बुधवार, अपराह्न से पहले
- शुभ
गुरुवार, 2 जुलाई 2026
सुबह 9:27 – दोपहर 1:48
- श्रवण
- कृष्ण द्वितीया → कृष्ण तृतीया
- कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, अपराह्न से पहले
- शुभ
शुक्रवार, 3 जुलाई 2026
सुबह 5:27 – सुबह 11:20
- श्रवण
- कृष्ण तृतीया
- कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, अपराह्न से पहले
- शुभ
बुधवार, 8 जुलाई 2026
सुबह 5:29 – दोपहर 12:22
- रेवती
- कृष्ण अष्टमी
- कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, बुधवार, अपराह्न से पहले
- शुभ
गुरुवार, 9 जुलाई 2026
सुबह 10:38 – दोपहर 1:49
- अश्विनी
- कृष्ण दशमी
- कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, अपराह्न से पहले
- शुभ
बुधवार, 15 जुलाई 2026
सुबह 5:32 – दोपहर 1:49
- पुष्य
- शुक्ल प्रतिपदा → शुक्ल द्वितीया
- कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, बुधवार, अपराह्न से पहले
- शुभ
सोमवार, 20 जुलाई 2026
सुबह 5:35 – दोपहर 1:49
- हस्त
- शुक्ल सप्तमी
- कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, सोमवार, अपराह्न से पहले
चातुर्मास 24 जुलाई 2026 से 20 नवंबर 2026 तक है।
चातुर्मास 24 जुलाई 2026 से 20 नवंबर 2026 तक है।
चातुर्मास 24 जुलाई 2026 से 20 नवंबर 2026 तक है।
- शुभ
गुरुवार, 26 नवंबर 2026
सुबह 6:52 – दोपहर 1:11
- मृगशिरा
- कृष्ण द्वितीया
- कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, अपराह्न से पहले
- शुभ
गुरुवार, 3 दिसंबर 2026
सुबह 9:23 – दोपहर 1:13
- हस्त
- कृष्ण दशमी
- कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, अपराह्न से पहले
- शुभ
शुक्रवार, 4 दिसंबर 2026
सुबह 6:58 – दोपहर 1:13
- हस्त, चित्रा
- कृष्ण एकादशी
- कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, अपराह्न से पहले
- शुभ
सोमवार, 14 दिसंबर 2026
सुबह 7:05 – दोपहर 1:17
- श्रवण, धनिष्ठा
- शुक्ल पंचमी
- कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, सोमवार, अपराह्न से पहले
| अवधि | आरंभ | समाप्ति |
|---|---|---|
| खरमास — धनु राशि में सूर्य | 16 दिसंबर 2025, सुबह 4:20 | 14 जनवरी 2026, दोपहर 3:07 |
| खरमास — मीन राशि में सूर्य | 15 मार्च 2026, रात 1:03 | 14 अप्रैल 2026, सुबह 9:32 |
| अधिक ज्येष्ठ — अधिक मास (मलमास) | 17 मई 2026, रात 1:31 | 15 जून 2026, सुबह 8:24 |
| चातुर्मास — देवशयनी से देवउठनी एकादशी | 24 जुलाई 2026, सुबह 9:13 | 20 नवंबर 2026, सुबह 7:16 |
| खरमास — धनु राशि में सूर्य | 16 दिसंबर 2026, सुबह 10:25 | 14 जनवरी 2027, रात 9:10 |
- ये नियम कहाँ से: द्रिक पंचांग में लिखे कर्णवेध नियम, जो मुहूर्त चिंतामणि के संस्कार प्रकरण के अनुसार हैं। द्रिक बच्चे के जन्म विवरण से एक-एक दिन का उत्तर देता है और साल भर की सूची नहीं छापता, इसलिए यहाँ ये नियम साल के हर दिन पर लागू किए गए हैं और सूची इसी पेज की अपनी है।
- खरमास वर्जित: धनु या मीन राशि में सूर्य रहते कोई मुहूर्त नहीं (16 दिसंबर 2025 – 14 जनवरी 2026, 15 मार्च 2026 – 14 अप्रैल 2026 और 16 दिसंबर 2026 – 14 जनवरी 2027)।
- चातुर्मास वर्जित: देवशयनी एकादशी आरंभ होने (24 जुलाई 2026, सुबह 9:13) से देवउठनी एकादशी आरंभ होने (20 नवंबर 2026, सुबह 7:16) तक।
- वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार या शुक्रवार (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)। मंगलवार, शनिवार या रविवार कभी नहीं।
- नक्षत्र: चंद्रमा इन 10 में से किसी में हो — अश्विनी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, अनुराधा, श्रवण, धनिष्ठा और रेवती।
- तिथि: चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी या अमावस्या को छोड़कर कोई भी तिथि, दोनों पक्षों में।
- अधिक मास वर्जित: अधिक ज्येष्ठ (अधिक मास) 17 मई 2026 से 15 जून 2026 तक है।
- दिन में, अपराह्न से पहले: कान दिन के उजाले में और अपराह्न — दिन के पाँच भागों में से चौथे — से पहले छेदे जाते हैं; इसलिए यहाँ हर मुहूर्त मध्याह्न के अंत पर, यानी सूर्योदय से सूर्यास्त तक के तीन-पाँचवें भाग पर, समाप्त होता है।
- उम्र — मार्गदर्शन, गणना नहीं: ग्रंथ जन्म के 10वें, 12वें या 16वें दिन, या छठे, सातवें या आठवें महीने का नियम देते हैं; पहले साल के बाद विषम वर्ष — तीसरा, पाँचवाँ। आजकल कई परिवार इसे मुंडन के साथ करते हैं। उम्र परंपरा से तय करें; दिन यह सूची बताती है।
- पहले कौन सा कान: लड़के का पहले दायाँ, लड़की का पहले बायाँ।
- दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, नई दिल्ली के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों, और कम से कम 20 मिनट चले।
- जो यहाँ नहीं जाँचा गया: लग्न (गुरु या शुक्र की राशि का लग्न — वृषभ, तुला, धनु या मीन — उत्तम माना जाता है), बच्चे का चंद्र बल और तारा बल, और बच्चे का अपना जन्म मास और जन्म नक्षत्र, जो टाले जाते हैं। ये पंडित बच्चे के जन्म विवरण से जाँचते हैं।
- साल भर की कोई गणना-आधारित सूची नहीं। बड़े पंचांग कर्णवेध का उत्तर बच्चे के जन्म विवरण से एक-एक दिन देते हैं, और जो सूचियाँ चलती हैं वे किसी एक नियम से गणना नहीं की गईं। यह पेज ऊपर लिखे नियम साल के हर दिन पर लागू करता है।
- गुरु-शुक्र अस्त। कुछ ग्रंथ गुरु या शुक्र के अस्त रहते भी कर्णवेध बंद रखते हैं; जिन नियमों को यह पेज मानता है उनमें यह नहीं है, इसलिए वे दिन रहते हैं।
- कुछ ही महीने। कुछ लेख कर्णवेध को कार्तिक, पौष, चैत्र और फाल्गुन तक सीमित रखते हैं; इन नियमों में केवल खरमास और चातुर्मास वर्जित हैं।
- दोपहर बाद और रात के मुहूर्त। यहाँ एक भी नहीं: जो सूची मध्याह्न के बाद कर्णवेध का समय देती है, वह अपराह्न का नियम लागू नहीं कर रही।
- शहर। दिन सूर्योदय से गिना जाता है, इसलिए भोर के पास का मुहूर्त दूसरे शहर में अलग तारीख का हो सकता है।
सामान्य प्रश्न
2026 में कर्णवेध के कितने शुभ मुहूर्त हैं?
29। महीनेवार: जनवरी 4, फरवरी 4, मार्च 2, अप्रैल 3, मई 3, जून 3, जुलाई 6, नवंबर 1, दिसंबर 3। अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में कोई नहीं।
2026 का अगला कर्णवेध मुहूर्त कब है?
गुरुवार, 26 नवंबर 2026 को सुबह 6:52 – दोपहर 1:11, मृगशिरा नक्षत्र में (नई दिल्ली के समय अनुसार)।
2026 के किन महीनों में कर्णवेध मुहूर्त नहीं है?
अगस्त, सितंबर और अक्टूबर — चातुर्मास 24 जुलाई 2026 से 20 नवंबर 2026 तक है।
कर्णवेध किस उम्र में होता है?
ग्रंथ जन्म के 10वें, 12वें या 16वें दिन, या छठे, सातवें या आठवें महीने का नियम देते हैं; पहले साल के बाद विषम वर्ष — तीसरा या पाँचवाँ। आजकल कई परिवार इसे मुंडन के साथ करते हैं। उम्र परंपरा तय करती है; दिन यह सूची बताती है।
क्या खरमास या चातुर्मास में कर्णवेध हो सकता है?
इस सूची में नहीं: दोनों वर्जित हैं। खरमास 16 दिसंबर 2025 – 14 जनवरी 2026, 15 मार्च 2026 – 14 अप्रैल 2026 और 16 दिसंबर 2026 – 14 जनवरी 2027 है; चातुर्मास 24 जुलाई 2026 – 20 नवंबर 2026 है।
कर्णवेध दिन के किस समय करें?
दिन में, अपराह्न से पहले। इस सूची का हर मुहूर्त मध्याह्न के अंत पर, यानी सूर्योदय से सूर्यास्त तक के तीन-पाँचवें भाग पर, समाप्त होता है, इसलिए समय ऋतु और शहर के साथ बदलता है।
दूसरे पंचांग में तारीखें अलग क्यों हैं?
हर अंतर ऊपर ‘दूसरे पंचांगों में तारीखें अलग क्यों हैं’ में लिखा है — कौन से नियम अलग हैं, और यह सूची किन मुहूर्तों को अधिक रखती है।