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मुहूर्त कैलेंडर · नई दिल्ली

कर्णवेध मुहूर्त 2027 — कान छेदन की शुभ तारीखें

पहली तारीख · कर्णवेध मुहूर्त

37 तारीखें

शुक्र, 15 जनवरी 2027

सुबह 7:14 – दोपहर 1:33

2027 में कर्णवेध के 37 शुभ मुहूर्त हैं; पहला शुक्रवार, 15 जनवरी 2027 को और अंतिम बुधवार, 15 दिसंबर 2027 को है।

उसके बाद: बुध, 20 जनवरी · सुबह 7:13 – दोपहर 1:35

2027 में महीनेवार कर्णवेध मुहूर्त

  • नई दिल्ली के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
  • हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि और वार दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला, और हर मुहूर्त अपराह्न से पहले समाप्त होता है; हर वर्जित अवधि का आरंभ और अंत भी दिया है।

स्वर्ण से पूछें

क्या यह मुहूर्त मेरी कुंडली के लिए शुभ है? स्वर्ण से मुफ़्त पूछें

अगले कर्णवेध मुहूर्त

आज, मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 से, नई दिल्ली के लिए अगली 5 तारीखें — हर तारीख अपने महीने का पेज खोलती है, पूरी गणना के साथ।

  1. गुरुवार, 26 नवंबर 2026

    सुबह 6:52 – दोपहर 1:11

    शुभ
  2. गुरुवार, 3 दिसंबर 2026

    सुबह 9:23 – दोपहर 1:13

    शुभ
  3. शुक्रवार, 4 दिसंबर 2026

    सुबह 6:58 – दोपहर 1:13

    शुभ
  4. सोमवार, 14 दिसंबर 2026

    सुबह 7:05 – दोपहर 1:17

    शुभ
  5. शुक्रवार, 15 जनवरी 2027

    सुबह 7:14 – दोपहर 1:33

    शुभ

जनवरी 2027 कर्णवेध मुहूर्त

  1. शुक्रवार, 15 जनवरी 2027

    सुबह 7:14 – दोपहर 1:33

    शुभ
    • रेवती
    • शुक्ल सप्तमी
    • कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, अपराह्न से पहले
  2. बुधवार, 20 जनवरी 2027

    सुबह 7:13 – दोपहर 1:35

    शुभ
    • मृगशिरा
    • शुक्ल त्रयोदशी
    • कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, बुधवार, अपराह्न से पहले
  3. शुक्रवार, 22 जनवरी 2027

    सुबह 7:13 – दोपहर 1:36

    शुभ
    • पुनर्वसु, पुष्य
    • पूर्णिमा
    • कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, अपराह्न से पहले
  4. बुधवार, 27 जनवरी 2027

    सुबह 7:11 – दोपहर 1:38

    शुभ
    • हस्त
    • कृष्ण षष्ठी
    • कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, बुधवार, अपराह्न से पहले
  5. गुरुवार, 28 जनवरी 2027

    सुबह 7:11 – दोपहर 1:38

    शुभ
    • चित्रा
    • कृष्ण सप्तमी
    • कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, अपराह्न से पहले

जनवरी 2027 का पेज खोलें

फरवरी 2027 कर्णवेध मुहूर्त

  1. गुरुवार, 11 फरवरी 2027

    सुबह 7:02 – दोपहर 1:42

    शुभ
    • रेवती
    • शुक्ल पंचमी
    • कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, अपराह्न से पहले
  2. शुक्रवार, 12 फरवरी 2027

    सुबह 7:02 – दोपहर 1:42

    शुभ
    • अश्विनी
    • शुक्ल षष्ठी
    • कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, अपराह्न से पहले
  3. गुरुवार, 18 फरवरी 2027

    सुबह 6:57 – दोपहर 1:42

    शुभ
    • पुनर्वसु
    • शुक्ल द्वादशी
    • कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, अपराह्न से पहले
  4. शुक्रवार, 19 फरवरी 2027

    सुबह 6:56 – सुबह 11:14

    शुभ
    • पुष्य
    • शुक्ल त्रयोदशी
    • कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, अपराह्न से पहले
  5. गुरुवार, 25 फरवरी 2027

    सुबह 6:50 – सुबह 9:33

    शुभ
    • चित्रा
    • कृष्ण पंचमी
    • कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, अपराह्न से पहले

फरवरी 2027 का पेज खोलें

मार्च 2027 कर्णवेध मुहूर्त

  1. शुक्रवार, 5 मार्च 2027

    सुबह 6:42 – दोपहर 1:43

    शुभ
    • श्रवण
    • कृष्ण द्वादशी → कृष्ण त्रयोदशी
    • कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, अपराह्न से पहले
  2. बुधवार, 10 मार्च 2027

    सुबह 10:52 – दोपहर 1:42

    शुभ
    • रेवती
    • शुक्ल द्वितीया
    • कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, बुधवार, अपराह्न से पहले
  3. गुरुवार, 11 मार्च 2027

    सुबह 6:35 – दोपहर 1:42

    शुभ
    • रेवती, अश्विनी
    • शुक्ल तृतीया
    • कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, अपराह्न से पहले

मार्च 2027 का पेज खोलें

अप्रैल 2027 कर्णवेध मुहूर्त

  1. शुक्रवार, 23 अप्रैल 2027

    सुबह 5:47 – दोपहर 1:38

    शुभ
    • अनुराधा
    • कृष्ण तृतीया
    • कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, अपराह्न से पहले
  2. गुरुवार, 29 अप्रैल 2027

    सुबह 5:42 – दोपहर 1:38

    शुभ
    • श्रवण
    • कृष्ण अष्टमी
    • कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, अपराह्न से पहले

अप्रैल 2027 का पेज खोलें

मई 2027 कर्णवेध मुहूर्त

  1. बुधवार, 12 मई 2027

    सुबह 5:32 – दोपहर 1:38

    शुभ
    • पुष्य
    • शुक्ल सप्तमी
    • कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, बुधवार, अपराह्न से पहले
  2. सोमवार, 17 मई 2027

    सुबह 5:29 – दोपहर 1:39

    शुभ
    • हस्त, चित्रा
    • शुक्ल द्वादशी
    • कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, सोमवार, अपराह्न से पहले
  3. शुक्रवार, 21 मई 2027

    सुबह 5:27 – दोपहर 1:40

    शुभ
    • अनुराधा
    • कृष्ण प्रतिपदा
    • कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, अपराह्न से पहले
  4. बुधवार, 26 मई 2027

    सुबह 5:25 – दोपहर 1:40

    शुभ
    • श्रवण
    • कृष्ण षष्ठी
    • कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, बुधवार, अपराह्न से पहले
  5. गुरुवार, 27 मई 2027

    सुबह 5:24 – दोपहर 1:41

    शुभ
    • धनिष्ठा
    • कृष्ण सप्तमी
    • कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, अपराह्न से पहले
  6. शुक्रवार, 28 मई 2027

    सुबह 5:24 – सुबह 7:14

    शुभ
    • धनिष्ठा
    • कृष्ण सप्तमी → कृष्ण अष्टमी
    • कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, अपराह्न से पहले
  7. सोमवार, 31 मई 2027

    दोपहर 12:35 – दोपहर 1:41

    शुभ
    • रेवती
    • कृष्ण एकादशी
    • कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, सोमवार, अपराह्न से पहले

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जून 2027 कर्णवेध मुहूर्त

  1. बुधवार, 2 जून 2027

    सुबह 5:23 – दोपहर 12:16

    शुभ
    • अश्विनी
    • कृष्ण द्वादशी → कृष्ण त्रयोदशी
    • कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, बुधवार, अपराह्न से पहले
  2. सोमवार, 7 जून 2027

    सुबह 5:22 – दोपहर 1:43

    शुभ
    • पुनर्वसु
    • शुक्ल तृतीया
    • कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, सोमवार, अपराह्न से पहले
  3. सोमवार, 14 जून 2027

    सुबह 5:22 – दोपहर 1:45

    शुभ
    • चित्रा
    • शुक्ल एकादशी
    • कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, सोमवार, अपराह्न से पहले
  4. गुरुवार, 24 जून 2027

    सुबह 5:24 – दोपहर 1:47

    शुभ
    • धनिष्ठा
    • कृष्ण पंचमी
    • कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, अपराह्न से पहले

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जुलाई 2027 कर्णवेध मुहूर्त

  1. सोमवार, 5 जुलाई 2027

    सुबह 5:28 – दोपहर 1:49

    शुभ
    • पुनर्वसु, पुष्य
    • शुक्ल द्वितीया
    • कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, सोमवार, अपराह्न से पहले

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अगस्त 2027 कर्णवेध मुहूर्त

चातुर्मास 13 जुलाई 2027 से 9 नवंबर 2027 तक है।

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सितंबर 2027 कर्णवेध मुहूर्त

चातुर्मास 13 जुलाई 2027 से 9 नवंबर 2027 तक है।

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अक्टूबर 2027 कर्णवेध मुहूर्त

चातुर्मास 13 जुलाई 2027 से 9 नवंबर 2027 तक है।

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नवंबर 2027 कर्णवेध मुहूर्त

  1. गुरुवार, 11 नवंबर 2027

    सुबह 7:01 – दोपहर 1:09

    शुभ
    • रेवती
    • शुक्ल द्वादशी → शुक्ल त्रयोदशी
    • कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, अपराह्न से पहले
  2. शुक्रवार, 12 नवंबर 2027

    सुबह 6:40 – सुबह 10:21

    शुभ
    • रेवती, अश्विनी
    • शुक्ल त्रयोदशी
    • कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, अपराह्न से पहले
  3. गुरुवार, 18 नवंबर 2027

    सुबह 6:45 – दोपहर 1:10

    शुभ
    • पुनर्वसु
    • कृष्ण पंचमी
    • कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, अपराह्न से पहले
  4. शुक्रवार, 19 नवंबर 2027

    सुबह 6:46 – दोपहर 1:10

    शुभ
    • पुष्य
    • कृष्ण षष्ठी
    • कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, अपराह्न से पहले
  5. बुधवार, 24 नवंबर 2027

    सुबह 6:50 – दोपहर 1:11

    शुभ
    • हस्त
    • कृष्ण एकादशी → कृष्ण द्वादशी
    • कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, बुधवार, अपराह्न से पहले
  6. गुरुवार, 25 नवंबर 2027

    सुबह 6:51 – दोपहर 1:11

    शुभ
    • चित्रा
    • कृष्ण द्वादशी → कृष्ण त्रयोदशी
    • कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, अपराह्न से पहले

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दिसंबर 2027 कर्णवेध मुहूर्त

  1. शुक्रवार, 3 दिसंबर 2027

    सुबह 6:57 – दोपहर 1:13

    शुभ
    • श्रवण
    • शुक्ल पंचमी
    • कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, अपराह्न से पहले
  2. गुरुवार, 9 दिसंबर 2027

    सुबह 7:01 – दोपहर 1:15

    शुभ
    • रेवती
    • शुक्ल एकादशी
    • कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, अपराह्न से पहले
  3. शुक्रवार, 10 दिसंबर 2027

    सुबह 7:02 – दोपहर 1:15

    शुभ
    • अश्विनी
    • शुक्ल द्वादशी
    • कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, अपराह्न से पहले
  4. बुधवार, 15 दिसंबर 2027

    सुबह 11:21 – दोपहर 1:18

    शुभ
    • पुनर्वसु
    • कृष्ण द्वितीया
    • कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, बुधवार, अपराह्न से पहले

दिसंबर 2027 का पेज खोलें

2027 में खरमास और चातुर्मास

कर्णवेध मुहूर्त 2027 · अवधि
अवधिआरंभसमाप्ति
खरमास — धनु राशि में सूर्य16 दिसंबर 2026, सुबह 10:2514 जनवरी 2027, रात 9:10
खरमास — मीन राशि में सूर्य15 मार्च 2027, सुबह 7:0014 अप्रैल 2027, दोपहर 3:29
चातुर्मास — देवशयनी से देवउठनी एकादशी13 जुलाई 2027, दोपहर 12:099 नवंबर 2027, सुबह 7:35
खरमास — धनु राशि में सूर्य16 दिसंबर 2027, शाम 4:3915 जनवरी 2028, रात 3:24

कर्णवेध मुहूर्त के नियम

  • ये नियम कहाँ से: द्रिक पंचांग में लिखे कर्णवेध नियम, जो मुहूर्त चिंतामणि के संस्कार प्रकरण के अनुसार हैं। द्रिक बच्चे के जन्म विवरण से एक-एक दिन का उत्तर देता है और साल भर की सूची नहीं छापता, इसलिए यहाँ ये नियम साल के हर दिन पर लागू किए गए हैं और सूची इसी पेज की अपनी है।
  • खरमास वर्जित: धनु या मीन राशि में सूर्य रहते कोई मुहूर्त नहीं (16 दिसंबर 2026 – 14 जनवरी 2027, 15 मार्च 2027 – 14 अप्रैल 2027 और 16 दिसंबर 2027 – 15 जनवरी 2028)।
  • चातुर्मास वर्जित: देवशयनी एकादशी आरंभ होने (13 जुलाई 2027, दोपहर 12:09) से देवउठनी एकादशी आरंभ होने (9 नवंबर 2027, सुबह 7:35) तक।
  • वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार या शुक्रवार (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)। मंगलवार, शनिवार या रविवार कभी नहीं।
  • नक्षत्र: चंद्रमा इन 10 में से किसी में हो — अश्विनी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, अनुराधा, श्रवण, धनिष्ठा और रेवती।
  • तिथि: चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी या अमावस्या को छोड़कर कोई भी तिथि, दोनों पक्षों में।
  • अधिक मास वर्जित: 2027 में कोई अधिक मास नहीं है।
  • दिन में, अपराह्न से पहले: कान दिन के उजाले में और अपराह्न — दिन के पाँच भागों में से चौथे — से पहले छेदे जाते हैं; इसलिए यहाँ हर मुहूर्त मध्याह्न के अंत पर, यानी सूर्योदय से सूर्यास्त तक के तीन-पाँचवें भाग पर, समाप्त होता है।
  • उम्र — मार्गदर्शन, गणना नहीं: ग्रंथ जन्म के 10वें, 12वें या 16वें दिन, या छठे, सातवें या आठवें महीने का नियम देते हैं; पहले साल के बाद विषम वर्ष — तीसरा, पाँचवाँ। आजकल कई परिवार इसे मुंडन के साथ करते हैं। उम्र परंपरा से तय करें; दिन यह सूची बताती है।
  • पहले कौन सा कान: लड़के का पहले दायाँ, लड़की का पहले बायाँ।
  • दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, नई दिल्ली के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों, और कम से कम 20 मिनट चले।
  • जो यहाँ नहीं जाँचा गया: लग्न (गुरु या शुक्र की राशि का लग्न — वृषभ, तुला, धनु या मीन — उत्तम माना जाता है), बच्चे का चंद्र बल और तारा बल, और बच्चे का अपना जन्म मास और जन्म नक्षत्र, जो टाले जाते हैं। ये पंडित बच्चे के जन्म विवरण से जाँचते हैं।

दूसरे पंचांगों में तारीखें अलग क्यों हैं

  • साल भर की कोई गणना-आधारित सूची नहीं। बड़े पंचांग कर्णवेध का उत्तर बच्चे के जन्म विवरण से एक-एक दिन देते हैं, और जो सूचियाँ चलती हैं वे किसी एक नियम से गणना नहीं की गईं। यह पेज ऊपर लिखे नियम साल के हर दिन पर लागू करता है।
  • गुरु-शुक्र अस्त। कुछ ग्रंथ गुरु या शुक्र के अस्त रहते भी कर्णवेध बंद रखते हैं; जिन नियमों को यह पेज मानता है उनमें यह नहीं है, इसलिए वे दिन रहते हैं।
  • कुछ ही महीने। कुछ लेख कर्णवेध को कार्तिक, पौष, चैत्र और फाल्गुन तक सीमित रखते हैं; इन नियमों में केवल खरमास और चातुर्मास वर्जित हैं।
  • दोपहर बाद और रात के मुहूर्त। यहाँ एक भी नहीं: जो सूची मध्याह्न के बाद कर्णवेध का समय देती है, वह अपराह्न का नियम लागू नहीं कर रही।
  • शहर। दिन सूर्योदय से गिना जाता है, इसलिए भोर के पास का मुहूर्त दूसरे शहर में अलग तारीख का हो सकता है।

सामान्य प्रश्न

2027 में कर्णवेध के कितने शुभ मुहूर्त हैं?

37। महीनेवार: जनवरी 5, फरवरी 5, मार्च 3, अप्रैल 2, मई 7, जून 4, जुलाई 1, नवंबर 6, दिसंबर 4। अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में कोई नहीं।

2027 का पहला कर्णवेध मुहूर्त कब है?

शुक्रवार, 15 जनवरी 2027 को सुबह 7:14 – दोपहर 1:33, रेवती नक्षत्र में (नई दिल्ली के समय अनुसार)।

2027 के किन महीनों में कर्णवेध मुहूर्त नहीं है?

अगस्त, सितंबर और अक्टूबर — चातुर्मास 13 जुलाई 2027 से 9 नवंबर 2027 तक है।

कर्णवेध किस उम्र में होता है?

ग्रंथ जन्म के 10वें, 12वें या 16वें दिन, या छठे, सातवें या आठवें महीने का नियम देते हैं; पहले साल के बाद विषम वर्ष — तीसरा या पाँचवाँ। आजकल कई परिवार इसे मुंडन के साथ करते हैं। उम्र परंपरा तय करती है; दिन यह सूची बताती है।

क्या खरमास या चातुर्मास में कर्णवेध हो सकता है?

इस सूची में नहीं: दोनों वर्जित हैं। खरमास 16 दिसंबर 2026 – 14 जनवरी 2027, 15 मार्च 2027 – 14 अप्रैल 2027 और 16 दिसंबर 2027 – 15 जनवरी 2028 है; चातुर्मास 13 जुलाई 2027 – 9 नवंबर 2027 है।

कर्णवेध दिन के किस समय करें?

दिन में, अपराह्न से पहले। इस सूची का हर मुहूर्त मध्याह्न के अंत पर, यानी सूर्योदय से सूर्यास्त तक के तीन-पाँचवें भाग पर, समाप्त होता है, इसलिए समय ऋतु और शहर के साथ बदलता है।

दूसरे पंचांग में तारीखें अलग क्यों हैं?

हर अंतर ऊपर ‘दूसरे पंचांगों में तारीखें अलग क्यों हैं’ में लिखा है — कौन से नियम अलग हैं, और यह सूची किन मुहूर्तों को अधिक रखती है।