मुहूर्त कैलेंडर · नई दिल्ली
फरवरी 2027 में कर्णवेध मुहूर्त
गुरु, 11 फरवरी
सुबह 7:02 – दोपहर 1:42
फरवरी 2027 में कर्णवेध के 5 शुभ मुहूर्त हैं: 11, 12, 18, 19 और 25 फरवरी। पहला मुहूर्त गुरुवार, 11 फरवरी 2027 को सुबह 7:02 – दोपहर 1:42 है।
उसके बाद: शुक्र, 12 फरवरी · सुबह 7:02 – दोपहर 1:42
| रवि | सोम | मंगल | बुध | गुरु | शुक्र | शनि |
|---|---|---|---|---|---|---|
| सुबह 7:02 | सुबह 7:02 | |||||
| सुबह 6:57 | सुबह 6:56 | |||||
| सुबह 6:50 | ||||||
मुहूर्त
- नई दिल्ली के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से गणना — किसी छपी सूची से नकल नहीं।
- हर मुहूर्त के साथ वह नक्षत्र, तिथि और वार दिया है जिन पर वह शुद्ध निकला, और हर मुहूर्त अपराह्न से पहले समाप्त होता है; हर वर्जित अवधि का आरंभ और अंत भी दिया है।
- शुभ
गुरुवार, 11 फरवरी 2027
सुबह 7:02 – दोपहर 1:42
- रेवती
- शुक्ल पंचमी (11 फरवरी, रात 3:05 – 12 फरवरी, रात 3:18)
- कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, अपराह्न से पहले
- शुभ
शुक्रवार, 12 फरवरी 2027
सुबह 7:02 – दोपहर 1:42
- अश्विनी
- शुक्ल षष्ठी (12 फरवरी, रात 3:18 – 13 फरवरी, रात 2:59)
- कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, अपराह्न से पहले
- शुभ
गुरुवार, 18 फरवरी 2027
सुबह 6:57 – दोपहर 1:42
- पुनर्वसु
- शुक्ल द्वादशी (17 फरवरी, शाम 5:32 – 18 फरवरी, दोपहर 2:28)
- कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, अपराह्न से पहले
- शुभ
शुक्रवार, 19 फरवरी 2027
सुबह 6:56 – सुबह 11:14
- पुष्य
- शुक्ल त्रयोदशी (18 फरवरी, दोपहर 2:28 – 19 फरवरी, सुबह 11:14)
- कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, शुक्रवार, अपराह्न से पहले
- शुभ
गुरुवार, 25 फरवरी 2027
सुबह 6:50 – सुबह 9:33
- चित्रा
- कृष्ण पंचमी (24 फरवरी, रात 8:40 – 25 फरवरी, रात 8:18)
- कर्णवेध के नक्षत्र और तिथि, गुरुवार, अपराह्न से पहले

स्वर्ण से पूछें
क्या यह मुहूर्त मेरी कुंडली के लिए शुभ है? स्वर्ण से मुफ़्त पूछें
- 1 फरवरी चंद्रमा ज्येष्ठा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी कर्णवेध के 10 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 2 फरवरी मंगलवार — कर्णवेध रविवार, मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 3–5 फरवरी चंद्रमा मूल, पूर्वाषाढ़ा और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी कर्णवेध के 10 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 6–7 फरवरी शनिवार और रविवार — कर्णवेध रविवार, मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 8 फरवरी चंद्रमा शतभिषा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी कर्णवेध के 10 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 9 फरवरी मंगलवार — कर्णवेध रविवार, मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 10 फरवरी चंद्रमा उत्तर भाद्रपदा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी कर्णवेध के 10 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 13–14 फरवरी शनिवार और रविवार — कर्णवेध रविवार, मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 15 फरवरी चंद्रमा रोहिणी नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी कर्णवेध के 10 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 16 फरवरी मंगलवार — कर्णवेध रविवार, मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 17 फरवरी चंद्रमा आर्द्रा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी कर्णवेध के 10 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 20–21 फरवरी शनिवार और रविवार — कर्णवेध रविवार, मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 22 फरवरी चंद्रमा पूर्वा फाल्गुनी और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी कर्णवेध के 10 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 23 फरवरी मंगलवार — कर्णवेध रविवार, मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- 24 फरवरी शुभ नक्षत्र केवल कृष्ण चतुर्थी में पड़ता है, जो कर्णवेध के लिए वर्जित है।
- 26 फरवरी चंद्रमा स्वाति और विशाखा नक्षत्र में है — इनमें से कोई भी कर्णवेध के 10 शुभ नक्षत्रों में नहीं।
- 27–28 फरवरी शनिवार और रविवार — कर्णवेध रविवार, मंगलवार या शनिवार को नहीं होता।
- ये नियम कहाँ से: द्रिक पंचांग में लिखे कर्णवेध नियम, जो मुहूर्त चिंतामणि के संस्कार प्रकरण के अनुसार हैं। द्रिक बच्चे के जन्म विवरण से एक-एक दिन का उत्तर देता है और साल भर की सूची नहीं छापता, इसलिए यहाँ ये नियम साल के हर दिन पर लागू किए गए हैं और सूची इसी पेज की अपनी है।
- खरमास वर्जित: धनु या मीन राशि में सूर्य रहते कोई मुहूर्त नहीं (16 दिसंबर 2026 – 14 जनवरी 2027, 15 मार्च 2027 – 14 अप्रैल 2027 और 16 दिसंबर 2027 – 15 जनवरी 2028)।
- चातुर्मास वर्जित: देवशयनी एकादशी आरंभ होने (13 जुलाई 2027, दोपहर 12:09) से देवउठनी एकादशी आरंभ होने (9 नवंबर 2027, सुबह 7:35) तक।
- वार: सोमवार, बुधवार, गुरुवार या शुक्रवार (वैदिक वार, जो सूर्योदय से बदलता है)। मंगलवार, शनिवार या रविवार कभी नहीं।
- नक्षत्र: चंद्रमा इन 10 में से किसी में हो — अश्विनी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, अनुराधा, श्रवण, धनिष्ठा और रेवती।
- तिथि: चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी या अमावस्या को छोड़कर कोई भी तिथि, दोनों पक्षों में।
- अधिक मास वर्जित: 2027 में कोई अधिक मास नहीं है।
- दिन में, अपराह्न से पहले: कान दिन के उजाले में और अपराह्न — दिन के पाँच भागों में से चौथे — से पहले छेदे जाते हैं; इसलिए यहाँ हर मुहूर्त मध्याह्न के अंत पर, यानी सूर्योदय से सूर्यास्त तक के तीन-पाँचवें भाग पर, समाप्त होता है।
- उम्र — मार्गदर्शन, गणना नहीं: ग्रंथ जन्म के 10वें, 12वें या 16वें दिन, या छठे, सातवें या आठवें महीने का नियम देते हैं; पहले साल के बाद विषम वर्ष — तीसरा, पाँचवाँ। आजकल कई परिवार इसे मुंडन के साथ करते हैं। उम्र परंपरा से तय करें; दिन यह सूची बताती है।
- पहले कौन सा कान: लड़के का पहले दायाँ, लड़की का पहले बायाँ।
- दिन: सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक, नई दिल्ली के अनुसार। जिस दिन को कोई वर्जित अवधि ज़रा भी छूती है, वह पूरा दिन छोड़ दिया जाता है; बाकी दिनों में मुहूर्त वह समय है जब ऊपर की सारी शर्तें एक साथ पूरी हों, और कम से कम 20 मिनट चले।
- जो यहाँ नहीं जाँचा गया: लग्न (गुरु या शुक्र की राशि का लग्न — वृषभ, तुला, धनु या मीन — उत्तम माना जाता है), बच्चे का चंद्र बल और तारा बल, और बच्चे का अपना जन्म मास और जन्म नक्षत्र, जो टाले जाते हैं। ये पंडित बच्चे के जन्म विवरण से जाँचते हैं।
सामान्य प्रश्न
क्या फरवरी 2027 में कर्णवेध मुहूर्त है?
हाँ, 5 दिन: 11, 12, 18, 19 और 25 फरवरी।
गुरुवार, 11 फरवरी 2027 को मुहूर्त का समय क्या है?
सुबह 7:02 – दोपहर 1:42 — नई दिल्ली के समय अनुसार, रेवती नक्षत्र में।
फरवरी 2027 के बाद अगला कर्णवेध मुहूर्त कब है?
शुक्रवार, 5 मार्च 2027 को।