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मंगल · दशम भाव (कर्म/करियर)

मंगल दसवें भाव में

  • केंद्र
  • उपचय
  • पूर्ण दिग्बल

दशम भाव में मंगल सेनापति जैसी स्थिति है: यहाँ इसे पूर्ण दिग्बल मिलता है, और ग्रंथ अधिकार, कर्म से उपलब्धि और साहस के लिए पहचान देते हैं।

भाव
दशम भाव (कर्म/करियर) — पेशा, करियर, स्थिति, अधिकार, प्रसिद्धि, सरकार, सार्वजनिक जीवन।
ग्रह
मंगल: नैसर्गिक पाप ग्रह — साहस, ऊर्जा, भाई-बहन, भूमि, तकनीकी कौशल और संघर्ष का कारक
भाव का प्रकार
केंद्र भाव और उपचय भाव — उपचय भाव में पाप ग्रह अच्छा फल देते हैं
दिग्बल
पूर्ण — यह इसका सबसे बली भाव है
यहाँ से दृष्टि
पहला, चौथा, पाँचवाँ भाव (अपने से चौथा, सातवाँ, आठवाँ)
इसकी महादशा
7 वर्ष

शास्त्रीय ग्रंथ क्या कहते हैं

मकर (उच्च) या मेष और वृश्चिक (स्वराशि) में यह रुचक योग बनाता है।

तकनीकी, सेना, पुलिस, खेल और इंजीनियरिंग के करियर इसके अनुकूल हैं; सावधानी वरिष्ठों से टकराव और थकान को लेकर है।

राशि से कैसे बदलता है — हर लग्न के लिए

दसवें भाव की राशि लग्न पर निर्भर है, और उसी से मंगल का बल बदलता है। मेष लग्न में यहाँ मकर आती है, जहाँ मंगल उच्च है; तुला लग्न में कर्क, जहाँ यह नीच है। योगकारक: कर्क, सिंह लग्न।

हर लग्न में मंगल दसवें भाव में
लग्नइस भाव की राशिबलकिन भावों का स्वामीयोग और भूमिका
मेषमकरउच्च1 (व्यक्तित्व और स्वास्थ्य), 8 (आयु और अचानक बदलाव)रुचक योग (पंच महापुरुष); लग्नेश
वृषभकुंभसम राशि7 (विवाह और जीवनसाथी), 12 (व्यय और विदेश)—
मिथुनमीनमित्र राशि6 (शत्रु, ऋण और रोग), 11 (आय और लाभ)—
कर्कमेषस्वराशि5 (संतान और बुद्धि), 10 (करियर और प्रतिष्ठा)रुचक योग (पंच महापुरुष); योगकारक — केंद्र और त्रिकोण दोनों का स्वामी
सिंहवृषभसम राशि4 (घर, माता और संपत्ति), 9 (भाग्य और पिता)योगकारक — केंद्र और त्रिकोण दोनों का स्वामी
कन्यामिथुनशत्रु राशि3 (पराक्रम और भाई-बहन), 8 (आयु और अचानक बदलाव)—
तुलाकर्कनीच2 (धन, वाणी और परिवार), 7 (विवाह और जीवनसाथी)नीच — नीचभंग देखें
वृश्चिकसिंहमित्र राशि1 (व्यक्तित्व और स्वास्थ्य), 6 (शत्रु, ऋण और रोग)लग्नेश
धनुकन्याशत्रु राशि5 (संतान और बुद्धि), 12 (व्यय और विदेश)—
मकरतुलासम राशि4 (घर, माता और संपत्ति), 11 (आय और लाभ)—
कुंभवृश्चिकस्वराशि3 (पराक्रम और भाई-बहन), 10 (करियर और प्रतिष्ठा)रुचक योग (पंच महापुरुष)
मीनधनुमित्र राशि2 (धन, वाणी और परिवार), 9 (भाग्य और पिता)—

यह स्थिति कौन से योग बना सकती है

  • रुचक योग (पंच महापुरुष): केंद्र में स्वराशि या उच्च का मंगल — मेष, कर्क, कुंभ लग्न में।
  • दिग्बल: मंगल को इसी भाव में पूर्ण दिशा-बल मिलता है।

फल कब मिलता है

मंगल की महादशा 7 वर्ष चलती है। यह स्थिति सबसे स्पष्ट तब बोलती है — मंगल की महादशा में, दूसरी महादशाओं के भीतर इसकी अंतर्दशा में, और दसवें भाव के स्वामी की दशा में। शनि और गुरु का गोचर जब इस भाव या जन्म के ग्रह पर से गुज़रता है, तब भी यह जागती है।

मंगल की महादशा · अपनी दशा देखें — दशा कैलकुलेटर

उपाय

  • मंगल का मंत्र जपें: ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः. सूर्योदय के बाद पूर्व की ओर मुख करके बैठें — मंगलवार इसके लिए सबसे प्रबल दिन है। प्रतिदिन 3 माला (324 बार) जपें, 108 मनकों की माला पर गिनती रखते हुए। बिना रुके 40 दिन तक यह क्रम निभाएँ — इससे पारंपरिक 10,000 जप पूरे होते हैं।
  • मंगल का दान करें. मसूर दाल, गुड़, ताँबा का दान मंगलवार को, दोपहर से पहले करें। इसे किसी सैनिक, खिलाड़ी या छोटे भाई को दें, या किसी सच्चे ज़रूरतमंद को। चुपचाप, स्वयं जाकर दें, धन्यवाद की अपेक्षा किए बिना।
  • मंगल के लिए दैनिक आचरण. नीम का पौधा लगाएँ; भाई-बहनों की सेवा करें। 40 दिन तक प्रतिदिन निभाएँ — नियमितता ही उपाय है।

नौ ग्रहों के उपाय · मंगल का पूरा मंत्र

अपनी कुंडली में देखें

कुंडली बनाएँ और भावों वाले कार्ड में दसवें भाव का कार्ड देखें: वह बताता है कि वहाँ कौन-सी राशि है, उसका स्वामी कहाँ है और कौन से ग्रह बैठे हैं — यानी मंगल सचमुच इस भाव में है या नहीं, और किस राशि में। ऊपर की तालिका की वह पंक्ति आपके लग्न की है।

अपनी मुफ़्त कुंडली बनाएँनमूना कुंडली पर इंटरैक्टिव कुंडली देखें

दसवें भाव में दूसरे ग्रह

दूसरे भावों में मंगल

सामान्य प्रश्न

क्या दसवें भाव में मंगल शुभ है या अशुभ?

अकेले इससे कोई फ़ैसला नहीं होता। तकनीकी, सेना, पुलिस, खेल और इंजीनियरिंग के करियर इसके अनुकूल हैं; सावधानी वरिष्ठों से टकराव और थकान को लेकर है। मेष लग्न में यहाँ यह उच्च है। तुला लग्न में नीच।

किस लग्न में दसवें भाव का मंगल सबसे अच्छा फल देता है?

मेष (उच्च); कर्क (स्वराशि, योगकारक); सिंह (योगकारक); कुंभ (स्वराशि) लग्न। पूरी तालिका ऊपर है।

दसवें भाव का मंगल फल कब देता है?

मंगल की महादशा (7 वर्ष) में, दूसरी दशाओं में इसकी अंतर्दशा में, और इस भाव के स्वामी की दशा में।

दसवें भाव के मंगल के उपाय क्या हैं?

मंगल के मुफ़्त अभ्यास — बीज मंत्र, उसके दिन का दान और एक दैनिक आचरण — ऊपर दिए हैं। केवल एक स्थिति देखकर कोई रत्न नहीं सुझाया जाता।