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गुरु और राहु-केतु की जाँच

गुरु चांडाल दोष कैलकुलेटर

गुरु चांडाल दोष तब माना जाता है जब जन्म कुंडली में गुरु (बृहस्पति) राहु के साथ एक ही राशि में हो; कई ज्योतिषी केतु को भी गिनते हैं, और यह कैलकुलेटर बताता है कि साथ में कौन है। जन्म विवरण भरें और देखें कि दोष है या नहीं, कितना पास है, कौन-से परिहार हैं और इसका क्या अर्थ नहीं है।

अपना जन्म विवरण भरें

तिथि, सटीक समय और स्थान। जाँच सर्वर पर इन्हीं से होती है और कुछ सहेजा नहीं जाता।

लग्न लगभग हर दो घंटे में बदलता है, इसलिए नीचे के भाव जन्म समय पर निर्भर हैं। समय अनुमानित हो तो भावों को भी अनुमानित मानें।

आपका विवरण केवल यह परिणाम निकालने के लिए इस्तेमाल होता है और सहेजा नहीं जाता। यह पेज के पते (URL) में नहीं, अनुरोध के भीतर भेजा जाता है, और इससे बना पेज न कैश होता है न सर्च में जाता है।

कैलकुलेटर के बारे में

गुरु चांडाल दोष कैलकुलेटर

  • साथ का ग्रह बताता है: राहु या केतु
  • आपकी कुंडली के परिहार साफ़ दिखाता है
  • जन्म विवरण केवल इस परिणाम के लिए, सहेजा नहीं जाता

राहु-केतु से जुड़े दूसरे दोष भी देखें: ग्रहण, श्रापित और काल सर्प दोष।

उदाहरण (21 अक्टूबर 1979, 19:20, नई दिल्ली): गुरु चांडाल दोष बनता है: गुरु सिंह में राहु के साथ है, 1.6° की दूरी पर।

गुरु चांडाल दोष परिणाम

गुरु चांडाल दोष बनता है

गुरु चांडाल दोष बनता है: गुरु सिंह में राहु के साथ है, 1.6° की दूरी पर।

गुरु चांडाल दोष की जाँच: ग्रह और राहु-केतु (निरयन, लाहिड़ी)
ग्रहराशिभावराहु/केतु के साथ?
गुरुसिंहचौथे भावहाँ — राहु, 1.6° दूर
राहुसिंहचौथे भाव—
केतुकुम्भदसवें भाव—

इस कुंडली में ग्रंथों में बताई गई परिहार की कोई स्थिति नहीं है। इससे यह बदलता है कि परंपरा इसे कितना महत्व देती है, यह नहीं कि आगे क्या होगा।

यह योग आम है: लगभग हर छह में से एक कुंडली में मिलता है। इसे निजी दुर्भाग्य का प्रमाण न मानें।

यह कैलकुलेटर गुरु चांडाल दोष कैसे तय करता है

  • जन्म तिथि, समय और स्थान से गुरु, राहु और केतु की निरयन (लाहिड़ी) स्थिति और लग्न से संपूर्ण राशि भाव निकाले जाते हैं।
  • गुरु राहु या केतु के साथ एक ही राशि में हो तो गुरु चांडाल दोष बताया जाता है। परिणाम बताता है कि साथ में कौन-सा ग्रह है, क्योंकि कई ज्योतिषी केवल राहु को गिनते हैं।
  • गुरु और राहु/केतु के बीच के अंश दिखाए जाते हैं: पास की युति अधिक प्रभावी मानी जाती है।
  • ग्रंथों में बताए गए परिहार भी जाँचे जाते हैं: गुरु अपनी राशि (धनु, मीन) में या उच्च (कर्क) का हो, और साथ में केतु हो।
  • ऐप का दोष कार्ड यही नियम इसी इंजन से लगाता है।

गुरु चांडाल दोष पर ज्योतिषी अलग क्यों बोलते हैं

  • केवल राहु या केतु भी: आम परिभाषा गुरु और राहु की युति है। ऐप केतु को भी गिनता है, और परिणाम बताता है कि कौन-सा ग्रह मिला।
  • दृष्टि: कुछ लोग युति के बिना गुरु पर राहु की दृष्टि भी गिनते हैं। परिणाम उसे बताता है, पर गिनता नहीं।
  • बलवान गुरु: अपनी या उच्च राशि का गुरु राहु पर भारी माना जाता है, इसलिए कई ज्योतिषी कहते हैं कि तब दोष लगता ही नहीं।
  • केवल नकारात्मक नहीं: गुरु-राहु की युति को परंपरा से हटकर ज्ञान — शोध, तकनीक, विदेशी गुरु और अलग रास्तों — का योग भी माना जाता है।

गुरु चांडाल दोष का क्या अर्थ नहीं है

इसका अर्थ यह नहीं कि व्यक्ति में नैतिकता नहीं होगी, गुरु से धोखा मिलेगा या संतान में परेशानी होगी। गुरु लगभग एक साल और राहु-केतु लगभग अठारह महीने एक राशि में रहते हैं, इसलिए यह युति महीनों तक बनी रहती है और लगभग हर छह में से एक कुंडली में मिलती है। बृहत् पाराशर होरा शास्त्र और फलदीपिका जैसे शास्त्रीय ग्रंथ इस दोष का नाम नहीं लेते; यह नाम और इसका आम अर्थ बाद के हैं।

गुरु चांडाल दोष में अपनाए जाने वाले उपाय

पारंपरिक उपाय मुफ़्त हैं: गुरुजनों और बड़ों का सम्मान, अध्ययन, गुरुवार को किताबों या भोजन का दान, और गुरु मंत्र या विष्णु सहस्रनाम का पाठ। कुछ ख़रीदने की ज़रूरत नहीं, और कोई पूजा अनिवार्य नहीं।

गुरु चांडाल दोष — सामान्य प्रश्न

गुरु चांडाल दोष क्या है?

जन्म कुंडली में गुरु (बृहस्पति) राहु के साथ एक ही राशि में हो तो उसे गुरु चांडाल दोष कहते हैं। कई ज्योतिषी केतु को भी गिनते हैं; यह कैलकुलेटर बताता है कि साथ में कौन-सा ग्रह है।

जन्म तिथि से गुरु चांडाल दोष कैसे जानें?

ऊपर जन्म तिथि, सटीक जन्म समय और जन्म स्थान भरें। कैलकुलेटर देखता है कि गुरु राहु या केतु के साथ एक राशि में है या नहीं, दोनों कितने पास हैं और कौन-से परिहार लागू होते हैं।

गुरु चांडाल दोष कब भंग होता है?

सबसे अधिक बताए जाने वाले परिहार हैं गुरु का अपनी राशि धनु या मीन में होना, या कर्क में उच्च का होना। कई ज्योतिषी गुरु-केतु की युति को भी यह दोष नहीं मानते।

क्या गुरु चांडाल दोष हमेशा बुरा है?

नहीं। इसी युति को परंपरा से हटकर ज्ञान — शोध, तकनीक, विदेशी गुरु और अलग रास्तों — का योग भी माना जाता है। बलवान गुरु राहु को राह दिखाता माना जाता है, उससे बिगड़ता नहीं।

गुरु चांडाल दोष कितना आम है?

लगभग हर छह में से एक कुंडली में। गुरु लगभग एक साल और राहु-केतु लगभग अठारह महीने एक राशि में रहते हैं, इसलिए यह युति महीनों तक बनी रहती है।

गुरु चांडाल दोष के उपाय क्या हैं?

पारंपरिक उपाय मुफ़्त हैं: गुरुजनों और बड़ों का सम्मान, अध्ययन, गुरुवार को किताबों या भोजन का दान, और गुरु मंत्र। कोई पूजा अनिवार्य नहीं।