विंशोत्तरी दशा
बुध की महादशा

17 वर्ष
विंशोत्तरी दशा में बुध की महादशा 17 वर्ष चलती है — नौ में चौथी सबसे लंबी। यह शनि की महादशा के बाद आती है और इसके बाद केतु की आती है; जिनका जन्म-चंद्र आश्लेषा, ज्येष्ठा या रेवती नक्षत्र में हो, उनका जीवन इसी महादशा से शुरू होता है।
एआई ज्योतिषी से पूछें — अपने लग्न, दशा और गोचर के बारे में
- अवधि
- 17 वर्ष
- चक्र में स्थान
- शनि → बुध → केतु
- इसके नक्षत्र
- आश्लेषा, ज्येष्ठा, रेवती
- अंतर्दशाएँ
- 9
बुध की महादशा शिक्षा, व्यापार, लेखन, संवाद और संपर्कों की अवधि है। बली हो तो ग्रंथ शिक्षा, व्यापार में सफलता और नए कौशल पढ़ते हैं; पीड़ित हो तो वे इसे स्नायु पर दबाव, अनुबंधों या शब्दों पर विवाद और बिखरे प्रयास से जोड़ते हैं।
हर अंतर्दशा की अवधि = महादशा के वर्ष × अंतर्दशा स्वामी के वर्ष ÷ 120, और क्रम बुध से ही शुरू होता है। अवधि पारंपरिक तालिकाओं की तरह (12 माह, 30 दिन का माह) दी है; दशा कैलकुलेटर जन्म के अनुसार हर एक की सही तारीख़ देता है।
| अंतर्दशा | अवधि | वर्ष | कब तक |
|---|---|---|---|
| बुध – बुध | 2 वर्ष 4 माह 27 दिन | 2.41 | 2 वर्ष 4 माह 27 दिन |
| बुध – केतु | 11 माह 27 दिन | 0.99 | 3 वर्ष 4 माह 24 दिन |
| बुध – शुक्र | 2 वर्ष 10 माह | 2.83 | 6 वर्ष 2 माह 24 दिन |
| बुध – सूर्य | 10 माह 6 दिन | 0.85 | 7 वर्ष 1 माह |
| बुध – चंद्र | 1 वर्ष 5 माह | 1.42 | 8 वर्ष 6 माह |
| बुध – मंगल | 11 माह 27 दिन | 0.99 | 9 वर्ष 5 माह 27 दिन |
| बुध – राहु | 2 वर्ष 6 माह 18 दिन | 2.55 | 12 वर्ष 15 दिन |
| बुध – गुरु | 2 वर्ष 3 माह 6 दिन | 2.27 | 14 वर्ष 3 माह 21 दिन |
| बुध – शनि | 2 वर्ष 8 माह 9 दिन | 2.69 | 17 वर्ष |
महादशा उन भावों के विषय लाती है जिनका उसका स्वामी है। कौन से भाव, यह लग्न पर निर्भर है:
| लग्न | किन भावों का स्वामी | शास्त्रीय भूमिका | किन विषयों को आगे लाती है |
|---|---|---|---|
| मेष | 3, 6 | दुःस्थानेश — फल परिश्रम से | पराक्रम और भाई-बहन; शत्रु, ऋण और रोग |
| वृषभ | 2, 5 | त्रिकोणेश — शुभ | धन, वाणी और परिवार; संतान और बुद्धि |
| मिथुन | 1, 4 | लग्नेश — जहाँ भी हो, शुभ | व्यक्तित्व और स्वास्थ्य; घर, माता और संपत्ति |
| कर्क | 3, 12 | दुःस्थानेश — फल परिश्रम से | पराक्रम और भाई-बहन; व्यय और विदेश |
| सिंह | 2, 11 | तीसरे या ग्यारहवें का स्वामी — मिश्रित | धन, वाणी और परिवार; आय और लाभ |
| कन्या | 1, 10 | लग्नेश — जहाँ भी हो, शुभ | व्यक्तित्व और स्वास्थ्य; करियर और प्रतिष्ठा |
| तुला | 9, 12 | त्रिकोणेश — शुभ | भाग्य और पिता; व्यय और विदेश |
| वृश्चिक | 8, 11 | दुःस्थानेश — फल परिश्रम से | आयु और अचानक बदलाव; आय और लाभ |
| धनु | 7, 10 | केंद्रेश — स्थिति के अनुसार फल | विवाह और जीवनसाथी; करियर और प्रतिष्ठा |
| मकर | 6, 9 | त्रिकोणेश — शुभ | शत्रु, ऋण और रोग; भाग्य और पिता |
| कुंभ | 5, 8 | त्रिकोणेश — शुभ | संतान और बुद्धि; आयु और अचानक बदलाव |
| मीन | 4, 7 | केंद्रेश — स्थिति के अनुसार फल | घर, माता और संपत्ति; विवाह और जीवनसाथी |
- बुध पहले भाव में (अंग्रेज़ी में)
- बुध दूसरे भाव में (अंग्रेज़ी में)
- बुध तीसरे भाव में (अंग्रेज़ी में)
- बुध चौथे भाव में (अंग्रेज़ी में)
- बुध पांचवें भाव में (अंग्रेज़ी में)
- बुध छठे भाव में (अंग्रेज़ी में)
- बुध सातवें भाव में (अंग्रेज़ी में)
- बुध आठवें भाव में (अंग्रेज़ी में)
- बुध नौवें भाव में (अंग्रेज़ी में)
- बुध दसवें भाव में (अंग्रेज़ी में)
- बुध ग्यारहवें भाव में (अंग्रेज़ी में)
- बुध बारहवें भाव में (अंग्रेज़ी में)
- बुध का मंत्र जपें: ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः. सूर्योदय के बाद पूर्व की ओर मुख करके बैठें — बुधवार इसके लिए सबसे प्रबल दिन है। प्रतिदिन 3 माला (324 बार) जपें, 108 मनकों की माला पर गिनती रखते हुए। बिना रुके 40 दिन तक यह क्रम निभाएँ — इससे पारंपरिक 9,000 जप पूरे होते हैं।
- बुध का दान करें. हरी सब्ज़ियाँ, पुस्तकें, हरा वस्त्र का दान बुधवार को, दोपहर से पहले करें। इसे किसी विद्यार्थी या पढ़ने वाले को दें, या किसी सच्चे ज़रूरतमंद को। चुपचाप, स्वयं जाकर दें, धन्यवाद की अपेक्षा किए बिना।
- बुध के लिए दैनिक आचरण. गाय को हरा चारा खिलाएँ; बच्चों से कभी कठोर न बोलें। 40 दिन तक प्रतिदिन निभाएँ — नियमितता ही उपाय है।
आप किस महादशा में हैं, और बुध की महादशा आपके लिए कब शुरू या ख़त्म होती है, यह जन्म के समय चंद्रमा के नक्षत्र पर निर्भर है। दशा कैलकुलेटर हर अवधि तारीख़ों के साथ देता है।
सामान्य प्रश्न
बुध की महादशा कितने साल की होती है?
17 वर्ष, विंशोत्तरी दशा के 120 वर्ष के चक्र में।
बुध की महादशा में अंतर्दशाओं का क्रम क्या है?
बुध → केतु → शुक्र → सूर्य → चंद्र → मंगल → राहु → गुरु → शनि। पहली अंतर्दशा बुध की अपनी होती है (2 वर्ष 4 माह 27 दिन)।
क्या बुध की महादशा शुभ है या अशुभ?
यह कुंडली में बुध की स्थिति पर निर्भर है — किस भाव में है, किस राशि में, किस लग्न के लिए किन भावों का स्वामी है। ऊपर की तालिकाएँ यही दिखाती हैं।
कैसे जानें कि बुध की महादशा चल रही है?
दशा कैलकुलेटर में जन्म तिथि, समय और स्थान डालें; वह हर महादशा और अंतर्दशा तारीख़ों के साथ देता है।








